Akasa Air ने दिसंबर 2026 से अपनी मुंबई-जेद्दाह सर्विस को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने का ऐलान किया है। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास (redevelopment) के बीच यह कदम कंपनी की डुअल-एयरपोर्ट रणनीति का हिस्सा है।
दो एयरपोर्ट्स का तालमेल
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है। Adani Airport Holdings Ltd, जो दोनों एयरपोर्ट्स का प्रबंधन संभाल रही है, इस ट्रांजिशन की देखरेख कर रही है। टर्मिनल-1 का कायाकल्प होने के बाद इसकी क्षमता 15 मिलियन से बढ़कर 20 मिलियन सालाना यात्री हो जाएगी। इस दौरान एयरलाइंस को अपनी सेवाओं को दो अलग-अलग लोकेशन्स पर मैनेज करना होगा, जिससे शुरुआती दौर में ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने की संभावना है।
एयरलाइंस के लिए क्या चुनौतियां?
सिर्फ Akasa Air ही नहीं, बल्कि IndiGo और Air India Group भी इस बदलाव का हिस्सा हैं। निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि दो अलग बेस मैनेज करने के लिए एयरलाइंस को स्टाफिंग, ग्राउंड हैंडलिंग और लॉजिस्टिक्स को नए सिरे से बांटना होगा। नवी मुंबई एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और यात्रियों का वहां तक पहुंचना एक बड़ा फैक्टर होगा, जो आने वाले समय में एयरलाइंस के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
भविष्य की राह
फिलहाल, मार्केट इस बात पर नजर रखे हुए है कि एयरपोर्ट रिडेवलपमेंट का काम कब तक पूरा होता है और नए एयरपोर्ट पर पैसेंजर अडॉप्शन रेट क्या रहता है। एयरपोर्ट ऑपरेटर ने भरोसा दिलाया है कि काम पूरा होने के बाद एयरलाइंस को पुराने स्लॉट्स वापस मिल जाएंगे, जो लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी प्लानिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
