Akasa Air ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹2,716 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **37%** ज्यादा है। रुपये में गिरावट और फ्यूल की बढ़ी कीमतों का असर कंपनी के बॉटम लाइन पर दिखा। हालांकि, एयरलाइन का ऑपरेटिंग रेवेन्यू **37%** बढ़ा है, लेकिन अभी भी यह विस्तार के दौर से गुजर रही है।
Akasa Air का घाटा क्यों बढ़ा?
Akasa Air ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹2,716 करोड़ का बड़ा नेट लॉस दर्ज किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 37% की बढ़ोतरी है। कंपनी अपने ऑपरेशंस का तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन इस विस्तार पर भारतीय रुपये में आई गिरावट और एविएशन फ्यूल (ATF) की बढ़ी कीमतों का भारी असर पड़ा है।
रेवेन्यू में उछाल, पर घाटे का साया
इन चुनौतियों के बावजूद, एयरलाइन के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 37% का शानदार इजाफा हुआ है। यह बढ़ोतरी कंपनी की आक्रामक विस्तार रणनीति का नतीजा है। Akasa Air ने इस दौरान अपने बेड़े में 10 नए विमान जोड़े, जिससे कुल विमानों की संख्या 37 हो गई। इसके साथ ही, एयरलाइन ने अपने नेटवर्क को बढ़ाकर 32 शहरों तक पहुंचा दिया है। कंपनी की कुल क्षमता में इंटरनेशनल ऑपरेशंस का हिस्सा अब 23% हो गया है।
प्रबंधन की सफाई और भविष्य की राह
एयरलाइन के मैनेजमेंट का कहना है कि नेट लॉस का यह आंकड़ा कुछ हद तक अकाउंटिंग से जुड़े मार्क-टू-मार्केट फॉरेन एक्सचेंज लॉसेस के कारण भी बढ़ा है। कंपनी के CFO, Ankur Goel के मुताबिक, यूनिट इकोनॉमिक्स में सुधार हुआ है और कॉस्ट कंट्रोल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस ग्रोथ को प्रॉफिट में बदलना है।
लिक्विडिटी और IPO की उम्मीदें
बाजार के जानकारों की नजर कंपनी की लिक्विडिटी और फंडिंग स्ट्रेटेजी पर है। Akasa Air अभी कैपिटल-इंटेंसिव ग्रोथ फेज में है, जिसके लिए लगातार कैश फ्लो की जरूरत है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने पहले ही कंपनी की रेटिंग पर नेगेटिव आउटलुक के साथ वॉच लगाया था। यह भी सामने आया है कि कंपनी अपने कैश लॉसेस को कवर करने और ऑपरेशंस के लिए सेल एंड लीजबैक (SLB) ट्रांजैक्शन्स पर निर्भर है।
कंपनी की भविष्य की योजना अगले 2 से 4 सालों में एक पोटेंशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि Akasa Air कब तक प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार कर पाती है और अपने बैलेंस शीट को मजबूत कर पाती है। फ्यूल की कीमतों का उतार-चढ़ाव, करेंसी स्टेबिलिटी और कंपनी की कॉस्ट एडवांटेज बनाए रखने की क्षमता, ये सभी फैक्टर Akasa Air के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
