Brent crude की कीमतों में उछाल और Aviation Turbine Fuel (ATF) के दाम **5.46%** बढ़ने से एविएशन कंपनियों के शेयरों में हड़कंप मच गया है। InterGlobe Aviation और SpiceJet के निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
बुधवार, 2 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एविएशन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है। इसकी मुख्य वजह है ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते Brent crude $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे सप्लाई चेन बिगड़ने का डर पैदा हो गया है।
फ्यूल की बढ़ती मार
घरेलू स्तर पर भी कंपनियों की मुश्किलें कम नहीं हैं। 1 सितंबर 2026 से घरेलू Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमतों में 5.46% का इजाफा कर दिया गया है, जिससे इसका दाम ₹121.28 प्रति लीटर हो गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि लगातार दूसरे महीने ईंधन महंगा हुआ है; इससे पहले अगस्त में इसमें 7.5% की बढ़ोतरी की गई थी। किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 35% से 40% तक होती है, इसलिए यह बढ़ोतरी मुनाफे के लिए बड़ा झटका है।
मार्जिन पर दबाव
अब बड़ा सवाल यह है कि कंपनियां इस लागत को कैसे संभालेंगी? एविएशन सेक्टर बेहद प्रतिस्पर्धी है, जहां टिकट के दाम बढ़ाना एक जोखिम भरा फैसला हो सकता है। अगर कंपनियां किराया नहीं बढ़ाती हैं, तो उनका नेट प्रॉफिट सीधा कम होगा। वहीं, किराया बढ़ाने पर ग्राहकों की संख्या घटने का डर बना रहता है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में मध्य-पूर्व की स्थिति और कंपनियों के अगले क्वार्टरली नतीजे यह तय करेंगे कि एविएशन स्टॉक्स का आगे का सफर कैसा होगा।
