IndiGo के 12 विमानों में आई तकनीकी खराबी, Airbus के कोटिंग इश्यू से मचा हड़कंप

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AuthorMehul Desai|Published at:
IndiGo के 12 विमानों में आई तकनीकी खराबी, Airbus के कोटिंग इश्यू से मचा हड़कंप

Airbus ने अपने A321neo विमानों के फ्यूजलेज में सरफेस कोटिंग की समस्या की पहचान की है। इसके चलते IndiGo के **12** विमानों को रिपेंटिंग (repainting) से गुजरना होगा, हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि उड़ान सुरक्षा में कोई जोखिम नहीं है।

कोटिंग की समस्या और तकनीकी कारण

Airbus ने A321neo एयरक्राफ्ट के फ्यूजलेज स्ट्रिंगर्स पर सरफेस प्रोटेक्शन कोटिंग में एक मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी इश्यू पाया है। कंपनी और एयरलाइन, दोनों ने स्पष्ट किया है कि यह दिक्कत केवल कोटिंग की क्वालिटी से जुड़ी है, न कि एयरक्राफ्ट की स्ट्रक्चरल मजबूती से। इसलिए, ये विमान उड़ान भरने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रभावित हिस्सों को फिर से पेंट (repaint) करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो मूल डिजाइन स्पेसिफिकेशन्स के अनुरूप होगी।

IndiGo के बेड़े पर असर

IndiGo, जो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है, अपने 430 से अधिक विमानों के बेड़े के साथ परिचालन करती है। इस पूरी प्रक्रिया का असर उसके बड़े नेटवर्क के एक बहुत ही छोटे हिस्से पर पड़ेगा। कुल बेड़े में से केवल 12 विमानों को इस रिपेंटिंग कार्य के लिए चुना गया है। चूंकि इसमें विमान के किसी स्ट्रक्चरल हिस्से को अलग करने की जरूरत नहीं है, इसलिए इसे रूटीन मेंटेनेंस शेड्यूल में ही आसानी से शामिल किया जा रहा है।

ऑपरेशन्स और भविष्य की योजना

इस मेंटेनेंस प्लान को अगले 2 साल की अवधि में पूरा किया जाएगा। एयरलाइन ने इसे इस तरह से प्लान किया है ताकि यात्रियों की क्षमता या फ्लाइट शेड्यूल पर कोई बड़ा असर न पड़े। एयरबस ने यह भी बताया है कि इस मैन्युफैक्चरिंग विचलन (deviation) को पूरी तरह आइसोलेट कर दिया गया है और अब नए उत्पादित हो रहे सभी A321neo विमान मानकों के अनुरूप हैं। अन्य एयरलाइंस की बात करें तो, Air India के 9 A321neo विमान पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर इस समस्या का कोई असर नहीं है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.