एयरलाइन कंपनी AirAsia भारी कर्ज और बढ़ते फ्यूल खर्चों से जूझ रही है। अपनी फाइनेंशियल हालत को संभालने के लिए कंपनी **$1 बिलियन** का इंटरनेशनल कर्ज जुटाने की तैयारी में है।
भारी संकट में AirAsia
एयरलाइन फिलहाल एक बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। जेट फ्यूल की आसमान छूती कीमतों और भारी-भरकम कर्ज के बोझ ने कंपनी के सामने नकदी का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अपनी ऑपरेशंस को पटरी पर लाने के लिए कंपनी $1 बिलियन का इंटरनेशनल कर्ज जुटाने और 700 मिलियन मलेशियाई रिंगित की लोकल क्रेडिट सुविधा हासिल करने के लिए काम कर रही है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच इस फंड को जुटाकर पुराने महंगे कर्ज को रीफाइनेंस किया जाए।
आंकड़ों में समझें दबाव
कंपनी की बदतर आर्थिक स्थिति का अंदाजा दूसरी तिमाही के नतीजों से लगाया जा सकता है, जिसमें कंपनी को RM 831 मिलियन का नेट लॉस हुआ है। जेट फ्यूल की कीमत $183 प्रति बैरल तक पहुंचने से एयरलाइन के मार्जिन पर गहरा असर पड़ा है। 30 जून 2026 तक कंपनी की स्थिति यह थी कि उनके पास सिर्फ RM 954 मिलियन का कैश बैलेंस था, जबकि करंट लायबिलिटीज (देनदारियां) बढ़कर RM 18.4 बिलियन के स्तर पर पहुंच गई हैं। यह बड़ा अंतर निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
सरकार की नजर और सरकारी सलाहकारों की एंट्री
मलेशिया में एयर कनेक्टिविटी में एयरलाइन की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार ने भी इस मामले में दखल दिया है। सरकार ने Alton Aviation Consultancy को एयरलाइन की फंडिंग जरूरतों का आकलन करने के काम पर लगाया है। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह कोई 'बेलआउट' नहीं है, लेकिन सरकारी दखल दिखाता है कि एयरलाइन का कामकाज रुकना देश के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है।
शेयर में बड़ी गिरावट
शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। अक्टूबर 2026 तक स्टॉक में साल-दर-साल 70% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण कंपनी का फ्यूल हेजिंग (Fuel Hedging) न करना है, जिससे उसे ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव का सीधा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कंपनी समय रहते अपना लक्ष्य पूरा कर पाती है या नहीं, क्योंकि यही उनके फाइनेंशियल रिकवरी का एकमात्र रास्ता है।
