Air India ने अपने नए 'Vista Digital Platform' का ऐलान कर दिया है। साल 2027 के अंत तक एयरलाइन अपनी विमानों की सीटों को ही एक रिटेल हब (Retail Hub) में बदल देगी, जिससे फ्लाइट के दौरान ही कंपनी की कमाई का नया जरिया तैयार होगा।
क्या है 'Vista' का गेम प्लान?
Air India ने एक ऐसे डिजिटल इकोसिस्टम की योजना बनाई है जो केवल एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके इन-फ्लाइट शॉपिंग और लोकल एक्सपीरियंस बुकिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। कंपनी का मुख्य मकसद 'एंसीलरी रेवेन्यू' (Ancillary Revenue) को बढ़ाना है। एविएशन सेक्टर में टिकट बिक्री के अलावा मिलने वाली यह कमाई एयरलाइन्स के लिए संजीवनी का काम करती है, खासकर तब जब फ्यूल की कीमतें और कॉम्पिटिशन मार्जिन पर दबाव डालते हैं।
600 विमानों का बड़ा दांव
यह प्लेटफॉर्म कंपनी के बड़े विस्तार का हिस्सा है। Air India ने करीब 600 नए विमानों का ऑर्डर दिया है। यह नई टेक्नोलॉजी पुराने विमानों में फिट करने के बजाय सीधे नए वाइड-बॉडी जेट्स में इन-बिल्ट आएगी, जो कि कंपनी के लिए काफी किफायती भी है। इससे यात्रियों को एक पर्सनल एक्सपीरियंस मिलेगा, जैसे वे एक फ्लाइट पर छोड़े गए कंटेंट को दूसरी फ्लाइट पर भी जारी रख सकेंगे।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि आइडिया दमदार है, लेकिन इसके सामने कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि क्या यात्री फ्लाइट के दौरान शॉपिंग करेंगे या अपने पर्सनल गैजेट्स पर ही निर्भर रहेंगे? इसके अलावा, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और बड़े बेड़े में इसे इंटीग्रेट करने का काम चुनौतीपूर्ण है। साथ ही, अगर इकोनॉमी में सुस्ती आती है, तो यात्रियों का गैर-जरूरी खर्च पर लगाम लगाना कंपनी के टारगेट रेवेन्यू को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि Air India अपने इस भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर और नए रेवेन्यू मॉडल को कैसे मैनेज करती है।
