Air India को ₹22,238 करोड़ का भारी घाटा! टर्नअराउंड प्लान पर गहराए संकट के बादल

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Air India को ₹22,238 करोड़ का भारी घाटा! टर्नअराउंड प्लान पर गहराए संकट के बादल

एयर इंडिया ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹22,238 करोड़ का भारी-भरकम नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। कंपनी की टर्नअराउंड (Turnaround) स्ट्रेटेजी में देरी और नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच एयरलाइन के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

टर्नअराउंड प्लान पर गहराया संकट

एयर इंडिया (Air India) अपनी महत्वाकांक्षी टर्नअराउंड स्ट्रेटेजी 'विहान.एआई' (Vihaan.ai) को लेकर मुश्किलों का सामना कर रही है। कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹22,238 करोड़ का कंबाइंड नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। यह आंकड़े टाटा ग्रुप (Tata Group) की इस कंपनी को आधुनिक बनाने के संघर्ष को दर्शाते हैं।

नेतृत्व परिवर्तन और रणनीतिक देरी

एयरलाइन की लंबी अवधि की योजना को अब 5 से 10 साल का समय दिया गया है। इसकी वजह पुरानी समस्याएं, कर्मचारियों से जुड़ी चुनौतियां और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटें बताई जा रही हैं। इसी बीच, पैरेंट कंपनी टाटा संस (Tata Sons) में भी बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने वाला है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) फरवरी 2027 में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा होने पर पद पर बने नहीं रहेंगे। इन मुश्किल हालातों से निपटने के लिए, ग्रुप ने टेवोल्डे गेब्रेमरियम (Tewolde Gebremariam) को नया सीईओ (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है, जो कैम्पबेल विल्सन (Campbell Wilson) की जगह लेंगे।

ऑपरेशनल और ब्रांड से जुड़ी चुनौतियां

आर्थिक घाटे के अलावा, एयरलाइन को कई ऑपरेशनल दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा है, जिसने इसकी ब्रांड इमेज और पब्लिक ट्रस्ट को ठेस पहुंचाई है। जून 2025 में अहमदाबाद के पास एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (Boeing 787-8 Dreamliner) का दुर्घटनाग्रस्त होना, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी, एक बड़ी घटना थी। इस हादसे और अन्य सुरक्षा व सर्विस से जुड़ी समस्याओं के कारण एयर इंडिया कड़े रेगुलेटरी और पब्लिक जांच के दायरे में आ गई है। इन सब का असर एयरलाइन की मार्केट शेयर बढ़ाने की कोशिशों पर पड़ रहा है, जहां डोमेस्टिक ग्रोथ रुकी हुई है और इंटरनेशनल मौजूदगी कम हुई है।

निवेशकों और ग्रुप पर असर

हालांकि एयर इंडिया NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसका फाइनेंशियल परफॉर्मेंस सीधे तौर पर टाटा संस के कैपिटल एलोकेशन को प्रभावित करता है। भारी घाटे और लगातार निवेश की जरूरत ने ग्रुप के संसाधनों पर दबाव डाला है। अब बोर्ड और नए नेतृत्व को 470 एयरक्राफ्ट के बड़े ऑर्डर सहित फ्लीट विस्तार के लिए लगातार फंड की जरूरत और प्रॉफिटेबिलिटी व ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बहाल करने के बीच संतुलन बनाना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.