सुरक्षा कारणों और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमलों के चलते Air India और Air India Express ने रियाद जाने वाली अपनी सभी फ्लाइट्स को 10 अक्टूबर 2026 तक के लिए सस्पेंड कर दिया है।
सुरक्षा चिंताओं के कारण Air India और उसकी सहायक कंपनी Air India Express ने रियाद (सऊदी अरब) के लिए अपनी सभी फ्लाइट ऑपरेशन्स को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह कदम दिल्ली से रियाद जा रही फ्लाइट AI2243 को बीच रास्ते से वापस बुलाए जाने के बाद उठाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यह फैसला लिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी हुथी विद्रोहियों ने ली है।
एयर इंडिया की फाइनेंशियल स्थिति
टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन के लिए यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब कंपनी पहले ही गहरे वित्तीय दबाव में है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए एयर इंडिया ने ₹22,238 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹10,859 करोड़ के घाटे से दोगुना से भी ज्यादा है। हाई फ्यूल कॉस्ट और फ्लीट विस्तार के भारी खर्च ने कंपनी के मार्जिन्स को पहले ही मुश्किल में डाल रखा है।
एविएशन सेक्टर पर असर
इस पूरे घटनाक्रम का असर केवल एक एयरलाइन तक सीमित नहीं है। इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) जैसी अन्य लिस्टेड कंपनियों के लिए भी मिडिल ईस्ट एक महत्वपूर्ण मार्केट है। ऐसी भू-राजनीतिक अस्थिरता से एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़ते हैं, जिससे इंश्योरेंस प्रीमियम और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र में स्थिरता कब तक लौटती है, क्योंकि किसी भी लंबी अवधि की बाधा से ऑपरेशन्स की लागत और रेवेन्यू रिलायबिलिटी पर सीधा असर पड़ सकता है।
