Air India: पाक एयरस्पेस बंद होने से बढ़ा बोझ, सभी एयरलाइंस पर 'फ्यूल लेवी' लगाने का प्रस्ताव

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AuthorNeha Patil|Published at:
Air India: पाक एयरस्पेस बंद होने से बढ़ा बोझ, सभी एयरलाइंस पर 'फ्यूल लेवी' लगाने का प्रस्ताव

पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने के कारण Air India की लागत बढ़ गई है। कंपनी ने अब भारत से ईंधन लेने वाली सभी एयरलाइंस पर एक विशेष 'फ्यूल लेवी' लगाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि बढ़ते घाटे की भरपाई की जा सके।

घाटे की मार और नया प्रस्ताव

Air India के लिए मौजूदा समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1 FY2027) में ₹6,000 करोड़ से अधिक का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2026 का कुल घाटा ₹22,000 करोड़ के पार निकल गया था। कंपनी की कुल ऑपरेटिंग लागत में ईंधन का हिस्सा 50% से ज्यादा है, जिस पर विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव की भी मार पड़ रही है।

इस आर्थिक दबाव को कम करने के लिए एयर इंडिया चाहती है कि भारत में ईंधन लेने वाली सभी एयरलाइंस से एक लेवी वसूली जाए। इस रकम का इस्तेमाल उन भारतीय विमानन कंपनियों की मदद के लिए होगा जो यूरोप और अमेरिका के लिए लंबी और महंगी उड़ानों का संचालन कर रही हैं।

परिचालन की चुनौतियां और भविष्य

पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने के कारण भारतीय विमानन कंपनियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे फ्यूल की खपत और मेंटेनेंस खर्च में भारी इजाफा हुआ है। एयर इंडिया के CEO टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने दिल्ली से मुंबई और बेंगलुरु को नए इंटरनेशनल हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है ताकि रूट एफिशिएंसी को सुधारा जा सके।

रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, पूरे भारतीय एविएशन सेक्टर को फाइनेंशियल ईयर 2027 में ₹36,000 करोड़ से ₹38,000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है। हालांकि, Air India का यह प्रस्ताव अन्य एयरलाइंस के विरोध और कड़े रेगुलेटरी नियमों के कारण आसान नहीं दिख रहा है। निवेशकों की निगाहें अब सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ा मिसाल बन सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.