Air India ने अपने 5,000 पायलटों के लिए नया कंपनसेशन फ्रेमवर्क लागू किया है। फ्लीट विस्तार के बीच यह कदम उठाया गया है, लेकिन कंपनी पर $2.8 बिलियन के घाटे का बोझ है और वह प्रमोटरों से $1.5 बिलियन की फंड जुटाने की तैयारी में है।
फ्लीट विस्तार और नया पे-स्ट्रक्चर
Air India ने अपने पायलट वर्कफोर्स के लिए एक नया कंपनसेशन और करियर प्रोग्रेशन फ्रेमवर्क तैयार किया है। साल 2022 से एयरलाइन का फ्लीट बढ़कर लगभग 300 एयरक्राफ्ट तक पहुंच गया है, जिसे देखते हुए एयरलाइन ने Air India Express के साथ अपने ऑपरेशंस को एकीकृत करने के लिए एक यूनिफाइड पे-स्ट्रक्चर लागू किया है। नई पॉलिसी के तहत Boeing 737 फ्लीट चलाने वाले सीनियर कमांडर्स को ₹21 लाख तक का अलाउंस मिल सकता है।
घाटे का गणित और फंड की तलाश
ऑपरेशनल बदलाव के बीच एयरलाइन की वित्तीय स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी को करीब $2.8 बिलियन का बड़ा घाटा हुआ है। अपनी ऑपरेशंस को जारी रखने और विस्तार के लिए, एयरलाइन अब Tata Sons और Singapore Airlines से $1.5 बिलियन की नई इक्विटी जुटाने की कोशिश कर रही है।
पायलटों की चिंता और चुनौती
इस नए स्ट्रक्चर को लेकर पायलटों में असंतोष है। उनका मानना है कि अब सैलरी फिक्स्ड होने के बजाय फ्लाइंग आवर्स (उड़ान के घंटों) पर ज्यादा निर्भर होगी, जिससे कमाई की अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके अलावा, लीव बेनिफिट्स में कटौती को लेकर भी विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। एयरलाइन का मैनेजमेंट फिलहाल गुरुग्राम और अमरावती में नई ट्रेनिंग अकादमियों के जरिए अपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है, लेकिन कैश फ्लो और इंटरनल फ्रिक्शन को मैनेज करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
