Air India ने अपना मोबाइल ऐप नए अंदाज़ में लॉन्च किया है। इस नए ऐप में इन-हाउस बुकिंग इंजन के साथ-साथ फ्लाइट्स में दिक्कत आने पर तेज़ सपोर्ट भी मिलेगा। यह डिजिटल बदलाव टाटा ग्रुप के अधिग्रहण के बाद एयरलाइन की लंबी अवधि की ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा है।
बुकिंग हुई और भी तेज़
Air India ने पैसेंजर सर्विसेज को मॉडर्न बनाने की अपनी कोशिशों के तहत अपना रीडिजाइन किया हुआ मोबाइल ऐप लॉन्च कर दिया है। इस नए प्लेटफॉर्म पर इन-हाउस बुकिंग इंजन दिया गया है, जिससे फ्लाइट्स बुक करते समय पेज लोड टाइम कम होगा और यूज़र्स को एक रिस्पॉन्सिव इंटरफ़ेस मिलेगा। इसका मकसद पुराने सिस्टम्स को रिप्लेस करके सर्च से लेकर चेकआउट तक का पूरा प्रोसेस स्मूथ बनाना है।
मुश्किल वक्त में मिलेगा बेहतर सपोर्ट
इस अपडेट का एक मुख्य फोकस यात्रियों को अनपेक्षित ट्रैवल दिक्कतों के दौरान मदद करना है। अब ऐप में एक कॉन्टेक्श्चुअल सपोर्ट सिस्टम है, जो फ्लाइट में देरी या कैंसलेशन का सामना कर रहे पैसेंजर्स के लिए रियल-टाइम अपडेट्स और मैनेजमेंट के ऑप्शन्स देता है। इसमें होटल बुकिंग और अल्टरनेटिव ट्रांसपोर्ट की जानकारी तक सीधी पहुँच शामिल है, जिसके लिए पहले अक्सर एयरपोर्ट या कॉल सेंटर्स पर कस्टमर सर्विस रिप्रेज़ेंटेटिव्स से मैन्युअल मदद लेनी पड़ती थी।
टाटा ग्रुप के तहत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
यह टेक्नोलॉजी ओवरहॉल एयरलाइन की बड़ी ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी में एक अहम पड़ाव है। यह स्ट्रैटेजी जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप द्वारा अधिग्रहण पूरा होने के बाद शुरू हुई थी। कंट्रोल संभालने के बाद से मैनेजमेंट ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कस्टमर सैटिस्फैक्शन को बेहतर बनाने के लिए 140 से ज़्यादा अलग-अलग डिजिटल सिस्टम्स को अपडेट करने में भारी निवेश किया है। एक नया पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम भी जोड़ा गया है, जिससे एयरलाइन भारतीय मार्केट में कॉमन पेमेंट मेथड्स को जल्दी से एड और स्केल कर पाएगी।
हालांकि ये डिजिटल सुधार सर्विस क्वालिटी को बेहतर बनाने के मकसद से किए गए हैं, लेकिन एयरलाइन को अपनी विभिन्न एविएशन एंटिटीज़ के मर्जर के बाद अपने डाइवर्स फ्लीट और वर्कफोर्स को इंटीग्रेट करने की जटिल चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री एनालिस्ट्स लगातार एयरलाइन की हाई सर्विस स्टैंडर्ड्स को बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखते हैं, साथ ही फ्लीट एक्सपेंशन और टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स के लिए आवश्यक कैपिटल स्पेंडिंग को भी बैलेंस करना होता है। इन डिजिटल टूल्स की सफलता को कस्टमर ग्रीविएंस कम करने और डायरेक्ट बुकिंग वॉल्यूम बढ़ाने में इनके प्रभाव से मापा जाएगा, जिससे एयरलाइन को थर्ड-पार्टी डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट बचाने में मदद मिलेगी। भविष्य में, स्टेकहोल्डर्स एयरलाइन के बढ़ते फ्लाइट फ्रीक्वेंसी और नेटवर्क एक्सपेंशन को मैनेज करने में इन नए सिस्टम्स की प्रभावशीलता और पैसेंजर लोड फैक्टर्स पर अपडेट की उम्मीद करेंगे।
