Air India Pilot Dope Test में फेल! टर्बुलेंस से 17 घायल, DGCA की जांच शुरू

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Air India Pilot Dope Test में फेल! टर्बुलेंस से 17 घायल, DGCA की जांच शुरू

Air India ने 4 अगस्त 2026 को उड़ान AI2379 में गंभीर टर्बुलेंस (turbulence) की घटना के बाद दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है, जिसमें 17 लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पायलट डोप टेस्ट में पॉज़िटिव पाया गया है, हालांकि एयरलाइन का कहना है कि उसे अभी तक आधिकारिक नतीजे नहीं मिले हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस घटना की जांच कर रहा है, जिससे एयरलाइन की ऑपरेशनल सेफ्टी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

टर्बुलेंस की घटना और पायलटों पर कार्रवाई

Air India की फ्लाइट AI2379, जो 4 अगस्त 2026 को फुकेत से दिल्ली आ रही थी, एक गंभीर टर्बुलेंस का शिकार हो गई। अचानक हुई इस घटना में विमान काफी नीचे चला गया, जिसके चलते 17 यात्री और क्रू मेंबर घायल हो गए। इस हादसे के तुरंत बाद, एयरलाइन ने कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर, दोनों को तत्काल प्रभाव से उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है।

डोप टेस्ट के नतीजे और एयरलाइन का पक्ष

घटना के बाद आई खबरों के अनुसार, एक पायलट डोप टेस्ट (dope test) में साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन का दोषी पाया गया। हालांकि, Air India ने यह स्पष्ट किया है कि उन्हें इस संबंध में अभी तक किसी भी सरकारी प्राधिकरण से कोई आधिकारिक जानकारी या रिपोर्ट नहीं मिली है। एयरलाइन ने पुष्टि की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित क्रू मेंबर्स को ड्यूटी पर नहीं बुलाया जाएगा।

DGCA की जांच और सुरक्षा पर सवाल

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है। नियामक संस्था कॉकपिट रिकॉर्डिंग, फ्लाइट डेटा और अन्य संबंधित जानकारी की समीक्षा कर रही है ताकि टर्बुलेंस के कारणों का पता लगाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या उस दौरान सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। यह जांच यह भी तय करेगी कि क्या विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (Aircraft Accident Investigation Bureau) को आगे की कार्रवाई करनी होगी।

एयर इंडिया के लिए बढ़ा दबाव

टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली Air India के लिए यह घटना उसके मौजूदा मुश्किल ऑपरेशनल माहौल में एक और चुनौती लेकर आई है। एयरलाइन वर्तमान में एक बड़े मल्टी-ईयर टर्नअराउंड (turnaround) प्रयास से गुजर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, एयरलाइन को लगभग ₹22,238 करोड़ का घाटा हुआ था। ईंधन की बढ़ती लागत और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, यात्री विश्वास और उच्च ऑपरेशनल मानकों को बनाए रखना एयरलाइन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निवेशक और उद्योग विशेषज्ञ इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। एविएशन सेक्टर में प्रतिष्ठा जोखिम (reputational risk) बहुत अधिक होता है, और किसी भी लापरवाही या सुरक्षा उल्लंघन के निष्कर्षों से नियामक निगरानी बढ़ सकती है और अनुपालन लागत में वृद्धि हो सकती है। एयरलाइन की वित्तीय सुधार योजना के साथ-साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल को बनाए रखने की क्षमता हितधारकों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है। DGCA की जांच के नतीजों का इंतजार रहेगा, जो टर्बुलेंस और पायलट के टेस्ट परिणामों दोनों के आसपास की परिस्थितियों को स्पष्ट करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.