एविएशन दिग्गज Tewolde Gebremariam ने Air India के नए CEO के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है। कंपनी ने FY26 में **₹26,000 करोड़** से ज्यादा का बड़ा नुकसान दर्ज किया है, जिसे देखते हुए Tata Sons ने **₹10,000 करोड़** की नई फंडिंग पर हामी भरी है, जो कुछ कठिन परफॉरमेंस लक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
Tewolde Gebremariam ने 7 सितंबर, 2026 को Air India के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण किया। यह बदलाव एयरलाइन के लिए बेहद अहम है क्योंकि कंपनी फिलहाल अपने ऑपरेशंस को मॉडर्न बनाने और फाइनेंशियल हेल्थ सुधारने की कोशिश कर रही है। Gebremariam ने निवर्तमान CEO Campbell Wilson की जगह ली है, ऐसे समय में जब एयरलाइन जटिल फ्लीट इंटीग्रेशन और विश्वसनीयता को वापस पाने की चुनौती से जूझ रही है।
घाटे से उबरने की चुनौती
कंपनी के फाइनेंशियल हालात चिंता का विषय बने हुए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में एयरलाइन को ₹26,000 करोड़ से ज्यादा का नेट लॉस हुआ है। इस रिकवरी प्रोसेस में मदद करने के लिए Tata Sons ने ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के कैपिटल इन्फ्यूजन की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। हालांकि, यह पैसा बिना शर्त नहीं है। यह फंडिंग परफॉरमेंस-आधारित बिजनेस गोल्स से जुड़ी हुई है, जिसका मतलब है कि नए मैनेजमेंट को फंड्स पाने के लिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी में साफ सुधार दिखाना होगा।
ऑपरेशनल चुनौतियां और आगे का रास्ता
Gebremariam के सामने सबसे बड़ी चुनौती कंपनी के ऑपरेशंस को दुरुस्त करना है। हाल के दिनों में सुरक्षा और टेक्निकल विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बीच, नए CEO को फ्लीट एक्सपेंशन के साथ-साथ मेंटेनेंस प्रोटोकॉल को और भी मजबूत करना होगा। इसके अलावा, जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों और इंटरनेशनल एयरस्पेस से जुड़ी पाबंदियां भी एयरलाइन के खर्चों को बढ़ा रही हैं।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि Gebremariam कैसे एग्रेसिव एक्सपेंशन और फाइनेंशियल अनुशासन के बीच तालमेल बिठाते हैं। फिलहाल, उनके अपॉइंटमेंट को सरकार की तरफ से फाइनल सिक्योरिटी क्लियरेंस का इंतजार है।
