छोटे शहरों को दुनिया से जोड़ने की अनोखी पहल
इस रणनीति का सबसे बड़ा फायदा भारत के टियर-II और टियर-III शहरों के यात्रियों को मिलेगा। 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल का लक्ष्य इन छोटे हवाई अड्डों से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक आसान और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिसमें अक्सर UDAN जैसी मौजूदा योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
भारत को एविएशन हब बनाने का विजन
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू इस नई पहल को पुरजोर समर्थन दे रहे हैं। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय यात्री सीधे भारत से ही अपनी अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं शुरू करें, बजाय इसके कि लगभग 35% यात्री दुबई, लंदन और सिंगापुर जैसे विदेशी हब का इस्तेमाल करें। इसके लिए दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों को वैश्विक ट्रांजिट पॉइंट के तौर पर विकसित करने की योजना है।
एयर इंडिया की रणनीतिक सोच
एयर इंडिया के CEO और प्रबंध निदेशक, कैम्पबेल विल्सन ने इस कदम को "भारतीय उड्डयन के लिए एक परिवर्तनकारी कदम" बताया है। उनका मानना है कि 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि देश के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल भी सुनिश्चित करेगा। एयर इंडिया के ग्रुप हेड फॉर गवर्नेंस, रिस्क, कंप्लायंस एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स, पी बालाजी ने कहा कि बड़े मेट्रो शहरों के अलावा अन्य जगहों से उड़ानें शुरू करने से यात्रियों का यात्रा समय कम होगा और उनकी अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं कहीं अधिक सरल हो जाएंगी।
