IndiGo का भरोसा और लागत की मांग
IndiGo का मानना है कि Navi Mumbai Airport (NMIA) के लिए अभी के पैसेंजर अनुमान (Passenger Estimates) काफी कम हैं। एयरलाइन का कहना है कि प्रोजेक्ट साइट के पास पहले से ही 140 से ज्यादा फ्लाइट्स हर दिन आती-जाती हैं। IndiGo का अनुमान है कि पहले साल में NMIA से करीब 85 लाख पैसेंजर सफर कर सकते हैं, जो कि उसकी मौजूदा क्षमता के हिसाब से काफी अच्छी संख्या है। हालांकि, IndiGo ने यह भी कहा है कि टिकाऊ ग्रोथ (Sustainable Growth) के लिए एयरपोर्ट का संचालन (Operations) किफायती (Affordable) होना चाहिए। एयरलाइन ने एयरपोर्ट चार्जेज को एयरलाइंस और यात्रियों के लिए मैनेजेबल रखने की गुहार लगाई है, क्योंकि NMIA में लैंडिंग फीस (Landing Fees) मुंबई (BOM) और जेवर (DXN) एयरपोर्ट से ज्यादा प्रस्तावित है।
Air India और IATA की लागत को लेकर चिंता
दूसरी ओर, Air India Group और International Air Transport Association (IATA) दो एयरपोर्ट एक साथ चलाने के 'लॉजिस्टिक और फाइनेंशियल स्ट्रेन' (Logistical and Financial Strain) पर चिंता जता रहे हैं। Air India का कहना है कि दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाने के लिए डुप्लीकेट स्टाफ, इक्विपमेंट और रिसोर्सेज की जरूरत होगी, जिससे ऑपरेटिंग खर्च (Operating Expenses) काफी बढ़ जाएंगे। Air India के एयरपोर्ट प्लानिंग-कमर्शियल हेड शशि चेटिया ने कहा कि एयरलाइंस के लिए दोनों ऑपरेशनल बेस को बनाए रखना महंगा साबित होगा, जिस पर सवाल उठता है कि क्या एयरलाइंस NMIA का इस्तेमाल करने के लिए वाकई तैयार होंगी।
IATA भी इन्हीं चिंताओं को साझा करता है। वे इस ड्यूल-एयरपोर्ट सिस्टम के शुरुआती सालों में 'इनहेरेंट अनिश्चितता' (Inherent Uncertainty) की चेतावनी दे रहे हैं। IATA के मुताबिक, एयरलाइंस के नए एयरपोर्ट पर शिफ्ट होने की रफ्तार इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी और एयरपोर्ट चार्जेज में अंतर पर बहुत निर्भर करेगी।
Adani Group की डेवलपमेंट लागत की वसूली
प्रोजेक्ट ऑपरेटर Adani Airport Holdings (NMIAL) इस बीच एयरपोर्ट डेवलपमेंट पर हुए भारी खर्च (Capital Expenditure) की वसूली पर जोर दे रहा है। कंपनी Airports Economic Regulatory Authority (AERA) के साथ प्री-डेवलपमेंट लागतों पर चर्चा कर रही है, जिसमें पहाड़ी ब्लास्टिंग और नदी के डायवर्जन जैसे जरूरी काम शामिल हैं। NMIAL का तर्क है कि यह काम प्रोजेक्ट की वायबिलिटी (Viability) के लिए महत्वपूर्ण था। Adani Airport Holdings का कहना है कि फेज 1 और 2 के लिए कुल प्रोजेक्ट लागत करीब ₹17,920 करोड़ है, जिसमें फाइनेंसिंग लागत या अन्य दावे शामिल नहीं हैं। ऑपरेटर का जोर है कि कमर्शियल ऑपरेशंस डेट (COD) से पहले हुए खर्चों की रिकवरी एयरपोर्ट की लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी (Long-term Sustainability) के लिए बेहद जरूरी है, खासकर प्रोजेक्ट की चुनौतियों को देखते हुए।
