Air India को DGCA से अमरावती, महाराष्ट्र में अपनी खुद की फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इस सेंटर में **34** विमान होंगे, जो कंपनी की बड़ी फ्लीट विस्तार योजना के लिए पायलटों की कमी को दूर करेंगे।
पायलटों की फौज तैयार करने की तैयारी
Air India भारत की ऐसी पहली एयरलाइन बनने जा रही है जो अपनी खुद की ट्रेनिंग एकेडमी का मालिकाना हक रखेगी और उसे ऑपरेट भी करेगी। महाराष्ट्र के अमरावती में यह एकेडमी 10 एकड़ में फैली होगी। इस एकेडमी में 31 सिंगल-इंजन और 3 ट्विन-इंजन विमान शामिल होंगे, जिससे एयरलाइन की ट्रेनिंग क्षमता काफी बढ़ जाएगी।
क्यों है यह फैसला जरूरी?
एयरलाइन ने हाल ही में Airbus और Boeing को 470 नए विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है। इतने बड़े फ्लीट को उड़ाने के लिए बड़ी संख्या में ट्रेन पायलटों की जरूरत होगी। आमतौर पर एयरलाइंस थर्ड-पार्टी फ्लाइट स्कूलों पर निर्भर रहती हैं, लेकिन अब Air India अपनी इन-हाउस एकेडमी के जरिए ट्रेनिंग की क्वालिटी और समय को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकेगी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह कदम एयरलाइन के लिए सेल्फ-सफिशिएंसी की दिशा में तो एक बड़ा मील का पत्थर है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। फ्लाइट स्कूल चलाना और एयरलाइन चलाना दो अलग काम हैं, जिसके लिए अलग मैनेजमेंट, फ्यूल मैनेजमेंट और सर्टिफाइड इंस्ट्रक्टर्स की जरूरत होगी।
निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इन ऑपरेशन्स की लागत को कैसे मैनेज करती है और बाहरी वेंडर्स की तुलना में यह मॉडल कितना किफायती साबित होता है। इसके अलावा, रेगुलेटरी सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर एकेडमी का प्रदर्शन एयरलाइन की साख के लिए काफी अहम होगा।
