गुरुवार शाम को एक बड़ी घटना टल गई जब एयर इंडिया की बेंगलुरु से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2802 को आपातकालीन स्थिति में दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया। इस फ्लाइट में 160 से अधिक यात्री और क्रू सदस्य सवार थे।
सूत्रों के मुताबिक, विमान के कॉकपिट क्रू को फ्लाइट के आखिरी चरण में एक इंजन में आग लगने का अलर्ट मिला था। इसके तुरंत बाद, पायलट ने सावधानी बरतते हुए विमान को सुरक्षित रूप से नीचे उतार लिया। राहत की बात यह है कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकल आए। एयरलाइन ने बताया कि सभी मानक प्रक्रियाओं (standard operating procedures) का पालन किया गया।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, यह विमान रात करीब 9:30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। हालांकि, यह पुष्टि नहीं हुई है कि इंजन में वास्तव में आग लगी थी या यह सिर्फ एक चेतावनी (indication) थी। एयर इंडिया ने इस घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है और नियामक प्राधिकरणों (regulatory authorities) के साथ मिलकर काम कर रही है।
सुरक्षा प्रणालियों का महत्व
एयर इंडिया की इस फ्लाइट AI2802 की आपातकालीन लैंडिंग विमानन (aviation) में मजबूत सुरक्षा प्रणालियों और क्रू के बेहतरीन प्रशिक्षण के महत्व को दर्शाती है। फ्लाइट क्रू की त्वरित प्रतिक्रिया और आपातकालीन लैंडिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देने से सभी की जान बचाई जा सकी। इस घटना के बाद संभवतः उस विशेष A320 एयरबस के इंजन प्रदर्शन निगरानी प्रणाली (engine performance monitoring systems) और रखरखाव लॉग (maintenance logs) की गहन समीक्षा की जाएगी।
आग की चेतावनी की जांच
एयर इंडिया और नियामक निकायों (regulatory bodies) द्वारा की जाने वाली जांच का मुख्य उद्देश्य आग की चेतावनी के मूल कारण का पता लगाना होगा। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या यह किसी यांत्रिक खराबी (mechanical failure), पक्षी से टक्कर (bird strike) या किसी अन्य बाहरी कारण से हुआ था। इंजन में आग लगने की चेतावनियों वाली घटनाओं को एविएशन इंडस्ट्री में बहुत गंभीरता से लिया जाता है। ऐसी स्थिति में पहली प्राथमिकता यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित निकालना होती है, जो इस मामले में सफलतापूर्वक किया गया।
आगे की जांच में इंजन के पुर्जों, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (flight data recorders) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (cockpit voice recorders) की विस्तृत जांच शामिल होगी। भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation - DGCA) जैसे नियामक निकाय जांच की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेड़े (fleet) में आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू किए जाएं। जैसा कि कहा गया है, एयरलाइन की विस्तृत जांच के प्रति प्रतिबद्धता ऐसी घटनाओं के बाद की जाने वाली मानक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य हवाई यात्रा सुरक्षा में जनता के विश्वास को बनाए रखना है।
