Frankfurt से Delhi आ रही Air India की फ्लाइट AI2030 को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। कॉकपिट में आए एक गलत 'Hijack Alert' के कारण यह स्थिति बनी। राहत की बात यह है कि सभी **306** यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना एयरलाइन की चुनौतियों को फिर से सुर्खियों में ले आई है।
बुधवार की सुबह Frankfurt से New Delhi आ रही Air India फ्लाइट AI2030 के लिए उस समय हड़कंप मच गया जब कॉकपिट से 'Squawk Code 7500' सिग्नल भेजा गया। एविएशन में यह कोड हाईजैक या किसी प्रकार की अनधिकृत दखलंदाजी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं।
हालांकि, जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह 9:35 बजे फ्लाइट की लैंडिंग के बाद जांच में पता चला कि यह अलार्म गलत था और संभवतः कॉकपिट में गलती से दबने के कारण ट्रिगर हुआ था। सुरक्षा के मानक प्रोटोकॉल के तहत विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया और सभी 306 यात्रियों व क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
एयरलाइन की वित्तीय चुनौतियां
Air India, जो अब Tata Group का हिस्सा है, अभी एक कठिन दौर से गुजर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में एयरलाइन का कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹22,238 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है। भारी निवेश और विस्तार की योजना के बीच कंपनी की बैलेंस शीट पर काफी दबाव है।
आगे की राह क्या है?
कंपनी अभी 5 से 10 साल के एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम पर काम कर रही है, जिसमें फ्लीट अपग्रेड और टेक्नोलॉजी आधुनिकीकरण शामिल है। जून 2025 में फ्लाइट AI171 की दुखद घटना के बाद से सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पहले से ही कड़ी नजर रखी जा रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर अब इस बात पर है कि एयरलाइन कैसे अपने बढ़ते खर्चों को कंट्रोल करती है और लंबी अवधि के लिए मुनाफे की राह पर कैसे लौटती है।
