फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI-2030 को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया है। पायलट ने विमान में 'Squawk 7500' कोड एक्टिवेट किया था, जो हाईजैक या सुरक्षा खतरे का संकेत देता है। राहत की बात यह है कि विमान सुरक्षित उतर गया है और एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
क्या है पूरा मामला?
14 अक्टूबर 2026 की सुबह फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI-2030 ने आसमान में अचानक 'Squawk 7500' कोड एक्टिवेट कर दिया। यह इंटरनेशनल एविएशन में हाईजैक या अनलॉफुल इंटरफेरेंस का कोड माना जाता है। पायलट के इस अलर्ट के बाद विमान को सुबह 9:35 बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया। उतरते ही विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया और CISF समेत स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने विमान और यात्रियों की गहन जांच शुरू कर दी।
टाटा ग्रुप और एयर इंडिया पर असर
चूंकि Air India अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इस घटना का कोई सीधा स्टॉक मार्केट इम्पैक्ट नहीं है। हालांकि, एविएशन सेक्टर पर नजर रखने वाले जानकारों के लिए यह एक बड़ा घटनाक्रम है।
वित्तीय स्थिति और चुनौतियां
मौजूदा प्रबंधन के तहत एयर इंडिया पहले ही बड़े वित्तीय दबाव से गुजर रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में लगभग ₹22,238 करोड़ का घाटा हुआ है। एयरलाइन की मुश्किलें सिर्फ घाटे तक सीमित नहीं हैं:
- हाई फ्यूल कॉस्ट: लगातार बढ़ते ईंधन के दाम प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर रहे हैं।
- ऑपरेशनल कॉम्प्लेक्सिटी: पुराने बेड़े के साथ नए विमानों को इंटीग्रेट करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
- प्रतिस्पर्धा: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य एयरलाइन्स से मिल रही कड़ी टक्कर का असर भी कंपनी के मार्जिन पर दिख रहा है।
सुरक्षा संबंधी अलर्ट्स का बार-बार आना भले ही बाद में तकनीकी खराबी या गलत अलार्म साबित हों, लेकिन इनका असर कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और ब्रांड की साख पर पड़ता है। फिलहाल पूरी इंडस्ट्री की नजर इस बात पर है कि रेगुलेटर्स इस हाईजैक अलर्ट की जांच में क्या निष्कर्ष निकालते हैं।
