Air India एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। जहां कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर **2026** में **₹22,238 करोड़** का बड़ा नेट लॉस रिपोर्ट किया है, वहीं DGCA ने सुरक्षा मानकों को लेकर एयरलाइन पर कड़ी नजर रखी हुई है। हालांकि, Tata Sons ने कंपनी के टर्नअराउंड प्लान के लिए **₹10,000 करोड़** से ज्यादा के फ्रेश कैपिटल इन्फ्यूजन की मंजूरी दी है।
सुरक्षा और संचालन पर सवाल
एयरलाइन के लिए हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में DGCA ने एक ऑडिट के दौरान 51 सुरक्षा खामियों को उजागर किया है, जिसमें क्रू ट्रेनिंग और मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। यह सख्ती 4 अगस्त, 2026 को हुई फ्लाइट AI2379 की घटना के बाद और तेज हो गई है, जिसमें Airbus A320neo में तकनीकी खराबी के चलते यात्री और क्रू घायल हो गए थे।
फाइनेंशियल तनाव और कर्ज का बोझ
वित्तीय मोर्चे पर, Air India और इसकी सब्सिडियरी Air India Express का कुल नेट लॉस ₹22,238 करोड़ रहा है। कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ लगभग ₹40,000 करोड़ आंका गया है। यह घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है, जो फ्लीट एक्सपेंशन और बिजनेस मॉडर्नाइजेशन की लागत को दर्शाता है।
कंप्लायंस और मैनेजमेंट की चुनौती
हाल ही में एक पायलट के ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने और बिना वैध दस्तावेजों के फ्लाइट उड़ाने पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगने से एयरलाइन की छवि को धक्का लगा है। हालांकि, मैनेजमेंट ने सख्त कदम उठाते हुए पायलट को टर्मिनेट किया है और अनिवार्य ड्रग टेस्टिंग लागू की है।
Tata Sons का भरोसा
अपने 5 से 10 साल के ट्रांसफॉर्मेशन प्लान को पटरी पर रखने के लिए Tata Sons ने ₹10,000 करोड़ से अधिक की पूंजी डालने का वादा किया है। निवेशकों और पैसेंजर्स के लिए अब यह देखना अहम होगा कि एयरलाइन कितनी जल्दी सुरक्षा मानकों में सुधार कर अपनी ऑपरेशनल स्टेबिलिटी वापस ला पाती है।
