रिकॉर्ड नुकसान की ओर Air India
एयरलाइन का अनुमान है कि चालू फाइनेंशियल ईयर 2026 में उसे ₹22,000 करोड़ से अधिक का भारी नुकसान हो सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है और कंपनी की शुरुआती उम्मीदों से काफी ज्यादा है। कंपनी के मैनेजमेंट के लिए यह एक बड़ा झटका है।
फ्यूल की महंगाई और जंग का असर
इस भारी नुकसान का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष हैं। खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते फ्लाइट्स को लंबे रूट्स से डायवर्ट करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Cost) बहुत बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जेट फ्यूल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस की कमाई पर पड़ रहा है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने यह भी चेतावनी दी है कि जून से सितंबर 2026 तक पीक समर सीजन में एशिया और यूरोप में जेट फ्यूल की कमी हो सकती है, जिससे प्रमुख रूट्स पर टिकट की कीमतें 8-15% तक बढ़ सकती हैं।
घरेलू प्रतिद्वंद्वियों से तुलना
Air India की यह हालत घरेलू प्रतिद्वंद्वी IndiGo के ठीक विपरीत है, जिसने Q3 FY25-26 में ₹549.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। हालांकि, SpiceJet अभी भी घाटे में चल रही है, जिसने Q3 FY26 में ₹268 करोड़ का घाटा दर्ज किया है। कुल मिलाकर, भारतीय एविएशन इंडस्ट्री के FY2026 में ₹20-30 बिलियन का शुद्ध घाटा उठाने की उम्मीद है। अमेरिका में Spirit Airlines का ऑपरेशन बंद होना इंडस्ट्री की नाजुक हालत को दिखाता है।
कर्ज का बोझ और टर्नअराउंड की चुनौती
Air India पर ₹26,879.6 करोड़ का भारी कर्ज भी है। 2022 में टाटा ग्रुप (Tata Group) द्वारा अधिग्रहण के बाद से कंपनी अपने टर्नअराउंड (Turnaround) के लिए संघर्ष कर रही है। IndiGo के विपरीत, जिसके पास मजबूत कैश रिजर्व और बाजार में दबदबा है, Air India को अपने बड़े पैमाने और ऑपरेशनल जटिलताओं के कारण लगातार वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, नए सीईओ (CEO) की तलाश और लागत में कटौती के उपायों पर विचार करने के लिए बोर्ड की जल्द ही एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। कंपनी के बोर्ड में Singapore Airlines की भी हिस्सेदारी है।
आगे क्या?
Air India को अपने बोर्ड से महत्वपूर्ण लागत-बचत उपायों पर चर्चा करने की उम्मीद है, जिसमें मील (Meals) और लाउंज एक्सेस (Lounge Access) जैसी सेवाओं को अनबंडल (Unbundle) करना शामिल हो सकता है। भारतीय एविएशन मार्केट में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन Air India के लिए अपने गंभीर वित्तीय संकट और ऑपरेशनल कमजोरियों को दूर करना एक बड़ी चुनौती होगी।
