नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने Air India को कड़ी फटकार लगाई है। दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन विदेशी यात्रियों द्वारा इमिग्रेशन चेक बाईपास करने के मामले में एयरलाइन को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है, जिससे कंपनी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
चूक कैसे हुई?
यह मामला 4 सितंबर, 2026 का है, जब तीन इतालवी नागरिक एयर इंडिया की घरेलू फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। इन्हें म्यूनिख जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी, लेकिन इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बजाय उन्हें गलती से ट्रांजिट एरिया में भेज दिया गया। नतीजा यह हुआ कि वे बिना किसी कानूनी क्लीयरेंस के ही Lufthansa की फ्लाइट में सवार हो गए।
सरकारी जांच का शिकंजा
इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने मामले का संज्ञान लिया है। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन और इंटेलिजेंस ब्यूरो अब मिलकर इस बात की जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में यह बड़ी सेंध कैसे लगी। सरकार ने एयरलाइन प्रबंधन से इस चूक पर स्पष्टीकरण मांगा है।
एयरलाइन पर वित्तीय और परिचालन दबाव
टाटा संस के स्वामित्व वाली Air India पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रही है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹22,238 करोड़ का बड़ा नेट लॉस दर्ज किया है। ऐसे में यह सुरक्षा चूक कंपनी के 'हब-एंड-स्पोक' ट्रांजिट मॉडल पर बड़े सवाल खड़े करती है। अगर जांच में लापरवाही साबित होती है, तो एयरलाइन को भारी जुर्माना भरने के साथ-साथ कड़े रेग्युलेटरी सर्विलांस का सामना करना पड़ सकता है।
