सुरक्षा कारणों से Air India ने रियाद, दम्मम और जेद्दा के लिए अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर, 2026 तक रद्द कर दी हैं। इन ऑपरेशन्स में रुकावट के बीच, एयरलाइन ने अपनी बिगड़ी फाइनेंशियल सेहत सुधारने के लिए एक नई टास्क फोर्स का गठन किया है।
टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली Air India ने रीजनल अस्थिरता का हवाला देते हुए सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानों को फिलहाल रोक दिया है। इस फैसले से यात्रियों की रीबुकिंग और रिफंड की प्रक्रिया पर तत्काल दबाव बढ़ा है, जिसे एयरलाइन मैनेज करने की कोशिश कर रही है।
फाइनेंशियल संकट और नई रणनीति
उड़ानों पर रोक के साथ ही कंपनी अपने वित्तीय मोर्चे पर भी सख्त रुख अपना रही है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को ₹22,238.23 करोड़ का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ है। इसे काबू में करने के लिए प्रबंधन ने एक क्रॉस-फंक्शनल टास्क फोर्स बनाई है, जिसका मुख्य काम कंपनी के सभी विभागों में फिजूलखर्ची को रोकना और 'फिस्कल डिसिप्लिन' (वित्तीय अनुशासन) लागू करना है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
एयरलाइन फिलहाल फ्लीट मॉडर्नाइजेशन और टाटा ग्रुप के एविएशन बिजनेस के एकीकरण के चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। जेट फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच, इस टास्क फोर्स की सफलता पर निवेशकों की नजर रहेगी। कंपनी का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि वह बड़े पैमाने पर हो रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर और बढ़ते खर्चों के बीच अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है।
