Air India Express के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है, जिसमें कंपनी ने **₹6,767 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। पूरे Air India Group का कुल घाटा **₹22,238 करोड़** रहा है।
भारी घाटे की बड़ी वजहें
एयरलाइन मैनेजमेंट ने इस वित्तीय नतीजों के लिए बाहरी और ऑपरेशनल दबावों को जिम्मेदार ठहराया है। मिडिल ईस्ट में चल रही जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता के कारण एयरस्पेस पर पाबंदियां लगीं, जिससे फ्लाइट का समय बढ़ गया और जेट फ्यूल की खपत में भी इजाफा हुआ। साथ ही, करेंसी में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतों ने मेंटेनेंस और ऑपरेशनल खर्चों को काफी बढ़ा दिया है।
प्रमोटर्स से मदद की उम्मीद
इस वित्तीय बोझ को कम करने और भविष्य के विस्तार के लिए कंपनी अपने प्रमोटर्स—Tata Sons और Singapore Airlines—से करीब $1.5 बिलियन (करीब ₹12,500 करोड़) की नई इक्विटी जुटाने की बातचीत कर रही है। यह कैपिटल इन्फ्यूजन एयरलाइन के टर्नअराउंड प्लान के लिए बेहद जरूरी है, जिसमें फ्लीट रिन्यूअल और एयर इंडिया ब्रांड के तहत अन्य एंटिटीज का एकीकरण शामिल है।
आगे की राह
एयरलाइन फिलहाल कॉस्ट रैशनलाइजेशन और नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन पर काम कर रही है, लेकिन पुरानी और कम कुशल एयरक्राफ्ट्स को हटाना और कर्ज का दबाव कम करना मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। चूंकि एयरलाइन एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसके शेयरों में कोई हलचल नहीं देखी जा सकती, लेकिन आने वाले समय में प्रमोटर्स से मिलने वाली फंडिंग ही कंपनी की सेहत सुधारने का सबसे बड़ा इंडिकेटर होगी।
