Airline Pilots' Association of India ने Tata Group के नेतृत्व को Air India Express में बढ़ते सेफ्टी रिस्क को लेकर औपचारिक चेतावनी दी है। अनुभवी क्रू मेंबर्स के इस्तीफे और फाइनेंशियल संकट के बीच यह मामला अब गंभीर होता दिख रहा है।
सेफ्टी पर गंभीर सवाल
Airline Pilots' Association of India ने साफ किया है कि एयरलाइन से सीनियर क्रू मेंबर्स का तेजी से बाहर जाना ऑपरेशनल एक्सपर्टाइज में एक बड़ा गैप पैदा कर रहा है। नए रिक्रूट्स की ट्रेनिंग और कंपनी के सेफ्टी कल्चर पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। पायलटों ने अपनी बात साबित करने के लिए हालिया घटनाओं का हवाला दिया है, जिसमें फुकेट की एक उड़ान, टेल स्ट्राइक और गो-अराउंड जैसी घटनाएं शामिल हैं।
फाइनेंशियल संकट का दबाव
यह सारा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब एयरलाइन गहरे फाइनेंशियल दबाव में है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में Air India Express और उसकी पेरेंट कंपनी को कुल ₹22,238 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। हालात संभालने के लिए एयरलाइन ने अपनी उधारी की सीमा को ₹20,000 करोड़ तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा, कंपनी Tata Sons और Singapore Airlines से लगभग $1.5 बिलियन की फ्रेश इक्विटी जुटाने की कोशिश कर रही है।
पायलटों की मुख्य मांग
टाटा ग्रुप फिलहाल एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन और मर्जर प्रोसेस से गुजर रहा है, ऐसे में पायलटों की यह नाराजगी ग्रुप के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। पायलटों का कहना है कि मौजूदा कंपनसेशन स्ट्रक्चर काफी तनावपूर्ण है और वे सिर्फ सैलरी बढ़ाने के बजाय वर्किंग कंडीशन और थकान प्रबंधन (Fatigue Management) के प्रोटोकॉल में बदलाव चाहते हैं। फिलहाल, एयरलाइन और पायलट यूनियन के बीच बातचीत जारी है, लेकिन स्थिति में सुधार को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है।
