वैल्यू कैरियर (Value Carrier) के तौर पर नई पहचान
Air India Express अब 'वैल्यू कैरियर' (Value Carrier) के तौर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी तैयारी में है। इसके लिए कंपनी अपने केबिन इंटीरियर को बेहतर बनाने पर $70 मिलियन का बड़ा निवेश कर रही है। यह रणनीति एयरलाइन को पारंपरिक लो-कॉस्ट और फुल-सर्विस मॉडल के बीच एक प्रीमियम पैसेंजर अनुभव देने में मदद करेगी। इस $70 मिलियन के निवेश के तहत, एयरलाइन अपने 26 बोइंग 737 NG विमानों को अपग्रेड करेगी, और 50 बोइंग 737 MAX विमानों में भी रेट्रोफिटिंग का काम जारी रहेगा। इस अपग्रेड का एक अहम हिस्सा यह है कि 40 से ज़्यादा MAX विमानों में बिजनेस क्लास की सीटों को हटाकर उन्हें ऑल-इकोनॉमी (All-Economy) कॉन्फ़िगरेशन में बदला जाएगा, जिससे सीटों की संख्या बढ़ेगी और केबिन उत्पाद मानकीकृत होगा। कंपनी का लक्ष्य FY27 तक अपने सभी विमानों में केवल इकोनॉमी क्लास की सीटें रखना है।
मार्केट शेयर (Market Share) बढ़ाने की बड़ी तैयारी
बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए, Air India Express अपनी फ्लीट (Fleet) का भी तेजी से विस्तार कर रही है। वर्तमान में 100 से ज़्यादा विमानों के बेड़े को FY2030-31 तक बढ़ाकर 300 विमानों तक ले जाने की योजना है। इस विस्तार में 30 अतिरिक्त बोइंग 737 MAX 8 विमानों का ऑर्डर भी शामिल है, जिनकी डिलीवरी 2026 के अंत तक होने की उम्मीद है। एयरलाइन का लक्ष्य FY2031 तक 25% मार्केट शेयर हासिल करना है। यह घरेलू रूट काउंट (Domestic Route Count) के मामले में पहले ही दूसरी सबसे बड़ी भारतीय एयरलाइन बन चुकी है। कंपनी अपनी क्षमता का 60-40 के बजाय अब 50-50 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेगमेंट के बीच बांट रही है, और मेट्रो शहरों से टियर 2 और टियर 3 शहरों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर 'डेप्थ ओवर ब्रेथ' (Depth over Breadth) यानी रूट डेंसिटी पर जोर दे रही है।
वित्तीय हकीकतें और इंटीग्रेशन (Integration) की लागतें
ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) की उम्मीदों के बावजूद, एयरलाइन के हालिया वित्तीय नतीजे चुनौतीपूर्ण रहे हैं। मार्च 2025 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) में, Air India Express ने ₹5,678.2 करोड़ का भारी टैक्स-पूर्व घाटा दर्ज किया। वहीं, पूरे Air India Group (जिसमें फुल-सर्विस कैरियर Air India भी शामिल है) ने FY25 में कुल ₹9,568.4 करोड़ का घाटा दर्ज किया। ये आंकड़े टाटा ग्रुप द्वारा जनवरी 2022 में अधिग्रहण के बाद से चल रही वित्तीय पुनर्गठन की तस्वीर पेश करते हैं। एयरलाइन अक्टूबर 2023 में AIX Connect (पहले AirAsia India) के साथ हुए मर्जर (Merger) से जुड़ी लागतों और नेटवर्क पुनर्गठन के असर से भी निपट रही है। इन पहलों को सपोर्ट करने के लिए टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस ने FY25 में Air India में ₹9,500 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया है।
इंडस्ट्री (Industry) का परिदृश्य और भविष्य
यह सब भारतीय एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) में हो रहे जबरदस्त विकास के बीच हो रहा है। अनुमान है कि अगले दशक में भारत का कमर्शियल एयरक्राफ्ट फ्लीट लगभग 2,200 विमानों तक पहुंच जाएगा, क्योंकि यात्री यातायात (Passenger Traffic) और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (Airport Infrastructure) लगातार बढ़ रहा है। भारत पहले से ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डोमेस्टिक एविएशन मार्केट है। हालांकि, इस सेक्टर में ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव, एयरपोर्ट की बाधाएं और लगातार क्षमता उन्नयन जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। IndiGo जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियां अपनी मजबूत परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और किफायती किराए पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। ऐसे में Air India Express के आधुनिकीकरण और वैल्यू कैरियर मॉडल को अपनाने जैसे रणनीतिक प्रयास इस गतिशील और प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी जगह बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
