इंजन अलर्ट के बाद सुरक्षित लैंडिंग
गुरुवार को Air India की फ्लाइट AI 2812, जो मुंबई से बेंगलुरु जा रही थी, उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही इंजन में आई दिक्कत के कारण वापस मुंबई लौट आई। कॉकपिट से 'PAN PAN' का अर्जेंसी कॉल जारी किया गया। पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। हालांकि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन यह एयरलाइन की ऑपरेशनल कंसिस्टेंसी और तकनीकी चुनौतियों को फिर से उजागर करती है।
रेगुलेटरी जांच का बढ़ता दबाव
यह हवाई घटना हालिया रेगुलेटरी जांचों के बीच हुई है। मार्च 2026 में, यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने हैरान करने वाली निरीक्षणों के दौरान कई सुरक्षा खामियां पाई थीं। इनमें केबिन-प्रेशराइजेशन चेक में देरी और बोइंग 787 बेड़े के लिए ETOPS डेटा की असंगत रिकॉर्डिंग शामिल है। भारत के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने भी अपनी निगरानी बढ़ा दी है, जनवरी 2026 में प्रति निरीक्षण औसतन 1.96 निष्कर्ष दर्ज किए गए, जो मजबूत सुरक्षा रिकॉर्ड वाली एयरलाइनों के लिए 1 से कम के सामान्य बेंचमार्क से काफी ऊपर है। Air India इनमें से कुछ मुद्दों को अपने पुराने बेड़े (aging fleet) और आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) की समस्याओं से बाधित $400 मिलियन के रेनोवेशन प्रोग्राम में देरी से जोड़ती है।
लगातार वित्तीय नुकसान का बोझ
आर्थिक मोर्चे पर, Air India एक बड़ा बोझ बनी हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, एयरलाइन और उसकी सहायक कंपनी Air India Express ने संयुक्त रूप से ₹9,568.4 करोड़ (लगभग $1.15 बिलियन) का नुकसान दर्ज किया, जो पिछले साल से 48% अधिक है। अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 तक यह नुकसान ₹20,000 करोड़ से अधिक हो सकता है। FY25 में राजस्व लगभग $7 बिलियन बढ़ा, लेकिन यह मुनाफे में तब्दील नहीं हुआ। यह वित्तीय दबाव भारत की प्रमुख एयरलाइन IndiGo जैसे प्रतिस्पर्धियों के विपरीत है, जिसके पास 60% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी है और हालिया मुनाफा घटने के बावजूद विश्लेषकों की 'Buy' रेटिंग है। Tata के एविएशन समूह का हिस्सा Vistara भी 2022 के अंत में मुनाफा कमाने लगी थी और उसकी बाजार हिस्सेदारी लगभग 10% है। हालांकि, बढ़ते आय के कारण भारतीय विमानन बाजार में विस्तार का अनुमान है, पर भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन की कीमतें चुनौतियां पेश कर रही हैं।
नेतृत्व पर भी उठते सवाल
यह हालिया इंजन की समस्या, हालांकि सुरक्षित रूप से हल हो गई, Air India की बहु-वर्षीय 'Vihaan.AI' टर्नअराउंड योजना की विश्वसनीयता को चुनौती देने वाली मौजूदा ऑपरेशनल कमजोरियों को और बढ़ाती है। CEO Campbell Wilson का हालिया प्रस्थान, जिसकी घोषणा पहले ही हो चुकी थी, अनिश्चितता की एक और परत जोड़ता है। हालांकि उनके कार्यकाल में बेड़े का विस्तार और एकीकरण देखा गया, लेकिन लगातार हो रहे नुकसान और बढ़ती जांच - जिसमें जून 2025 का एक बड़ा घातक हादसा भी शामिल है जिसमें 260 लोग मारे गए थे और Tata Group की कंपनियों के शेयर प्रभावित हुए थे - यह दर्शाते हैं कि यह टर्नअराउंड उम्मीद से कहीं अधिक जटिल और लंबा होने वाला है। स्पष्ट उत्तराधिकार योजना (succession plan) की कमी, वर्षों की योजना के बाद भी, नेतृत्व की स्थिरता और रणनीतिक निरंतरता पर संदेह पैदा करती है, साथ ही ऑपरेशनल मुद्दे और DGCA द्वारा वरिष्ठ इंजीनियरिंग स्टाफ को निलंबित करना व अनधिकृत विमान संचालन के लिए शो-कॉज नोटिस जारी करना जैसे पिछले मुद्दे भी बने हुए हैं। एयरलाइन को रखरखाव और इंजीनियरिंग को लेकर बार-बार जांच का सामना करना पड़ा है, जिसमें अप्रमाणित सिम्युलेटर (unapproved simulators) और प्रशिक्षण अंतराल (training gaps) जैसी समस्याएं नोट की गई हैं।
आगे का रास्ता: सुरक्षा, नेतृत्व और निवेशकों का विश्वास
Air India के सामने तत्काल सुरक्षा चिंताओं को दूर करने और एक प्रमुख नेतृत्व संक्रमण (leadership transition) को संभालने की दोहरी चुनौती है। नए CEO की नियुक्ति और उन्हें तैयार करना रिकवरी के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण होगा। निवेशक करीब से देखेंगे कि क्या एयरलाइन अपनी सुरक्षा और रखरखाव की समस्याओं को ठीक कर सकती है, वित्त को स्थिर कर सकती है, और विश्वास बनाने तथा Tata Group के महत्वपूर्ण निवेश को सही ठहराने के लिए ऑपरेशनल विश्वसनीयता साबित कर सकती है।