Air India ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए यूरोप के कुछ रूट बंद करने का ऐलान किया है। अब एयरलाइन अपना ध्यान एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में विस्तार करने पर लगा रही है, ताकि बढ़ते फ्यूल खर्च और एयरस्पेस चुनौतियों से निपटा जा सके।
रूट में बड़े बदलाव की वजह
Air India ने अपने इंटरनेशनल नेटवर्क में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने नई दिल्ली से कोपेनहेगन और वियना की सीधी उड़ानें बंद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही बर्मिंघम, लंदन-गैटविक और सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ानों की संख्या में भी कटौती की गई है। इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण बढ़ती हुई ऑपरेशनल कॉस्ट और फ्यूल की ऊंची कीमतें हैं। साथ ही, प्रतिबंधित एयरस्पेस से बचने के लिए लंबी उड़ानें भरने से फ्यूल का खर्च और समय दोनों बढ़ रहे थे, जिसे कम करने के लिए एयरलाइन ने यह कदम उठाया है।
एशिया-पैसिफिक पर नया दांव
यूरोप से फोकस हटाकर कंपनी अब एशिया-पैसिफिक मार्केट पर अपना जोर बढ़ा रही है। Air India अब दिल्ली से सिडनी के लिए अपनी उड़ानों की संख्या 7 से बढ़ाकर 11 प्रति सप्ताह करने जा रही है। इसके अलावा, इस फरवरी से दिल्ली और ओसाका के बीच नई फ्लाइट सेवा शुरू होगी, जो जापान में टोक्यो-हानेडा के बाद कंपनी का दूसरा डेस्टिनेशन होगा।
टाटा ग्रुप का मास्टर प्लान
यह पूरा नेटवर्क बदलाव टाटा ग्रुप के उस व्यापक ट्रांसफॉर्मेशन प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने बेड़े (Fleet) को आधुनिक बना रही है। Airbus और Boeing को दिए गए ऐतिहासिक ऑर्डर के बाद, मैनेजमेंट अब अपने मौजूदा रूटों की प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान दे रहा है। कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि भविष्य में भी हर रूट का लागत और मुनाफे के आधार पर रिव्यू किया जाता रहेगा। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह रणनीतिक बदलाव कंपनी को बेहतर मार्जिन दिलाने में सफल होता है या नहीं।
