Air India का 'Easy Connect' प्रोग्राम: 9,000 यात्रियों ने लिया फायदा, लेकिन घाटे का संकट जारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Air India का 'Easy Connect' प्रोग्राम: 9,000 यात्रियों ने लिया फायदा, लेकिन घाटे का संकट जारी

Air India की 'Easy Connect' सर्विस ने महज चार महीनों में **9,000** यात्रियों को सफलतापूर्वक कनेक्ट किया है। यह पहल छोटे शहरों से इंटरनेशनल ट्रेवल को आसान बनाने के लिए शुरू की गई है, हालांकि कंपनी का FY26 का **₹22,238 करोड़** का भारी-भरकम नेट लॉस एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

क्या है 'Easy Connect' का मॉडल?

Air India की यह नई 'हब-एंड-स्पोक' पहल टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के यात्रियों को सीधे दिल्ली हब से जोड़ती है। इस सर्विस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री वाराणसी, अमृतसर या अहमदाबाद जैसे शहरों में ही अपना चेक-इन, कस्टम और इमिग्रेशन पूरा कर सकते हैं। यह प्रोजेक्ट 2047 तक 44 एयरपोर्ट्स को चार प्रमुख हब से जोड़ने के सरकारी विजन का हिस्सा है।

सामने हैं बड़ी चुनौतियां

भले ही पैसेंजर रिस्पॉन्स अच्छा मिल रहा हो, लेकिन एयरलाइन की फाइनेंशियल हालत चिंताजनक है। Tata Group और Singapore Airlines के स्वामित्व वाली Air India ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹22,238 करोड़ का भारी-भरकम नेट लॉस दर्ज किया है। ऐसे में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फंडिंग देना कंपनी के लिए एक मुश्किल टास्क है।

ऑपरेशन्स में रुकावटें

फिलहाल यह सुविधा सिर्फ उन्हीं इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए है जहां ट्रांजिट टाइम 4 घंटे से कम है। इसके अलावा, फ्यूल और मेंटेनेंस की बढ़ती लागत और लंबे एयर रूट ने कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल रखा है। लॉजिस्टिक दिक्कतों के कारण गुवाहाटी जैसे शहरों में इस सेवा के विस्तार में भी देरी हुई है। अब नजरें इस पर होंगी कि एयरलाइन अपनी परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) को कैसे बेहतर करती है ताकि इस मॉडल को सफल बनाया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.