Air India ने घटाई उड़ानें: Jet Fuel की महंगाई और एयरस्पेस की दिक्कतों का असर

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Air India ने घटाई उड़ानें: Jet Fuel की महंगाई और एयरस्पेस की दिक्कतों का असर
Overview

Air India ने जून से अगस्त के बीच अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भारी कटौती करने का फैसला किया है। कंपनी ने **छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रूटों** पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। इस फैसले के पीछे रिकॉर्डतोड़ जेट फ्यूल की कीमतें और एयरस्पेस से जुड़ी दिक्कतें बताई जा रही हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

महंगे फ्यूल ने फ्लाइट्स पर लगाई कैंची

Air India अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल में बड़े बदलाव कर रही है। जून से अगस्त के बीच, एयरलाइन दिल्ली-शंघाई, दिल्ली-मेल, मुंबई-ढाका, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, और दिल्ली-मेल जैसे छह प्रमुख रूटों पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर देगी। एयरलाइन का कहना है कि रिकॉर्ड तोड़ जेट फ्यूल की कीमतें और मौजूदा एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण ये रूट अब मुनाफे में नहीं चल पा रहे हैं। इसके बावजूद, एयर इंडिया महीने भर में 1,200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रखेगी, जो उत्तरी अमेरिका, यूरोप, यूके और एशिया को जोड़े रखेंगी।

₹22,000 करोड़ के घाटे का अनुमान, बढ़ रहा वित्तीय दबाव

एयर इंडिया के इस कदम से उसकी गहरी वित्तीय तंगी का पता चलता है। उम्मीद है कि मार्च 2026 को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर में एयरलाइन को ₹22,000 करोड़ से अधिक का घाटा हो सकता है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 25 में हुए ₹10,859 करोड़ के घाटे से काफी ज्यादा है। इस स्थिति का सीधा असर इसके मालिक टाटा संस और 25.1% हिस्सेदारी वाली सिंगापुर एयरलाइंस पर पड़ रहा है। एयरलाइन पर 67.92% का भारी कर्ज भी है। मजबूत रेवेन्यू के बावजूद, ईंधन की बढ़ती लागत जैसे ऑपरेटिंग खर्चों के कारण कंपनी को लागत में कटौती के उपाय करने पड़ रहे हैं।

एयरलाइनों के लिए बढ़ी मुश्किलें

भारतीय एविएशन सेक्टर इस समय कई मुश्किलों का सामना कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण जेट फ्यूल की कीमतें $162.89 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो फरवरी में $99.40 थी। भारतीय एयरलाइनों के लिए, ईंधन अब ऑपरेटिंग खर्चों का 55-60% हिस्सा है, जबकि सामान्य तौर पर यह 40% होता है। इसके अलावा, पाकिस्तान के एयरस्पेस का बंद होना और मध्य पूर्व के ऊपर से उड़ान भरने में लगने वाले अतिरिक्त समय से उड़ानों की अवधि बढ़ गई है, जिससे ज्यादा फ्यूल और क्रू खर्च हो रहा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने सरकार को आगाह किया है कि तत्काल राहत न मिलने पर गंभीर सेवाएं बंद करनी पड़ सकती हैं।

इंडिगो जैसी कंपनियों से पिछड़ रही Air India

टाटा ग्रुप द्वारा भारी निवेश के बावजूद, Air India अभी भी अपनी पुरानी लागत संरचना और सेवा में लगातारता की कमी से जूझ रही है। ऐसे में, इंडिगो जैसी अधिक लागत-कुशल एयरलाइंस, जो घरेलू बाजार में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखती हैं, फायदे में हैं। एयर इंडिया का लॉन्ग-हॉल नेटवर्क ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लंबी उड़ानों से सीधे प्रभावित हो रहा है, जिससे किराए में बढ़ोतरी कर मुनाफा कमाना मुश्किल हो रहा है। यहां तक कि सीईओ कैम्पबेल विल्सन के पद छोड़ने की भी खबरें हैं, जो कंपनी के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों को दर्शाता है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.