AI171 क्रैश: जांच की आंच तेज, क्या था सच?
जांच एजेंसियां जून 2025 में हुई Air India की विनाशकारी AI171 उड़ान की गहराई से पड़ताल कर रही हैं, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) इस मामले में तकनीकी, परिचालन, संगठनात्मक और मानवीय पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। जुलाई 2025 में आई प्रारंभिक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था: उड़ान भरने के तुरंत बाद, एक सेकंड के अंतराल में, दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई काट दी गई थी, जिससे कॉकपिट में अफरातफरी मच गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, जांचकर्ता पायलट की संभावित जानबूझकर की गई कार्रवाई की भी जांच कर रहे हैं, हालांकि AAIB ने कहा है कि 'कुछ भी खारिज नहीं किया गया है' और वे 'उन्मूलन के सिद्धांत' (theory of elimination) का पालन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। 2020 के दशक की यह सबसे घातक हवाई दुर्घटना बनी हुई है।
Boeing: बिक्री में उछाल, पर क्वालिटी पर सवाल?
इस बीच, दुर्घटनाग्रस्त 787-8 Dreamliner के निर्माता Boeing (NYSE: BA) का बाजार प्रदर्शन दोहरी तस्वीर पेश कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग $183.55 बिलियन है और इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 94.24 पर है। हाल ही में इसके शेयर लगभग $233.72 पर ट्रेड कर रहे थे। एक तरफ जहां AI171 क्रैश की जांच चल रही है, वहीं दूसरी तरफ Boeing ने 2025 में अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी Airbus को बिक्री में पीछे छोड़ दिया, 1,173 नेट ऑर्डर हासिल किए। इस बिक्री की रफ्तार को Air India के हालिया फैसले ने और बढ़ाया है, जिसने जनवरी 2026 में 30 अतिरिक्त 737 MAX जेट का ऑर्डर दिया है। इन नए ऑर्डरों के साथ, Boeing के पास Air India का कुल ऑर्डर बुक 250 विमानों तक पहुंच गया है। हालांकि, इन वाणिज्यिक सफलताओं के बावजूद, Boeing को उत्पादन गुणवत्ता संबंधी चिंताओं और FAA (Federal Aviation Administration) की कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ रहा है, जो पिछली घटनाओं से उपजी हैं।
एविएशन सेक्टर: मजबूत मांग, पर सुरक्षा पहले
व्यक्तिगत त्रासदियों के बावजूद, वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री (Aviation Industry) मजबूत रिकवरी और ग्रोथ दिखा रही है। विश्लेषकों को 2026 में एयरलाइंस के लिए लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की उम्मीद है, जिसमें वैश्विक यात्री यातायात (global passenger traffic) में 4.9% की वृद्धि और सेक्टर के लिए $41 बिलियन का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट (Net Profit) शामिल है। हालांकि, Air India जैसे हादसों ने उद्योग की सुरक्षा की अनिवार्यता को और उजागर किया है। इतिहास गवाह है कि बड़े विमान दुर्घटनाओं से अक्सर एयरलाइंस और निर्माताओं दोनों के स्टॉक प्राइस में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे नियामक जांच और निवेशक भावना (investor sentiment) प्रभावित होती है। Boeing के लिए चुनौती यह है कि वह आक्रामक उत्पादन को पूरा करने और अपने विशाल ऑर्डर बुक को बनाए रखने के साथ-साथ सुरक्षा और गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कैसे साबित करता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के नतीजे और कंपनी द्वारा उठाए गए कदम आगे चलकर बाजार के भरोसे को कैसे प्रभावित करते हैं।