Air India के नए CEO, Tewolde Gebremariam ने कंपनी में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। FY26 में पैसेंजर फुटफॉल में **18%** और बुकिंग में **15%** की गिरावट के बाद, कंपनी का फोकस अब आक्रामक विस्तार के बजाय कॉस्ट कंट्रोल और बेहतर सर्विस पर होगा।
नई रणनीति: ग्रोथ नहीं, अब फोकस मुनाफे पर
Air India के नए CEO Tewolde Gebremariam ने कंपनी के कामकाज में कड़े अनुशासन की शुरुआत कर दी है। कर्मचारियों के साथ हालिया टाउन हॉल में साफ कर दिया गया है कि अब कंपनी की प्राथमिकता 'एग्रेसिव ग्रोथ' के बजाय 'रेवेन्यू पर अवेलेबल सीट किलोमीटर' (RASK) को बेहतर बनाना है। यानी, हर सीट से ज्यादा कमाई पर जोर दिया जाएगा।
क्यों पड़ी ये जरूरत?
FY26 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एयरलाइन के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का पैसेंजर फुटफॉल 18% गिर गया और बुकिंग डिमांड में 15% की कमी आई। यह आंकड़े उस दबाव को दिखाते हैं जो कंपनी को मर्जर के बाद अपने कमर्शियल नेटवर्क को सुधारने में महसूस हो रहा है।
Tata Group का बड़ा दांव
पिछले चार वर्षों के मर्जर और इंटीग्रेशन के बाद, अब Tata Group की कोशिश Air India और Vistara के बेड़े से मैक्सिमम वैल्यू निकालने की है। एयरलाइन अब अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, कार्गो और कमर्शियल ऑपरेशंस के बीच तालमेल (Synergy) बिठाकर कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
सर्विस में सुधार पर जोर
सिर्फ लागत कम करना ही नहीं, कंपनी पंचुअलिटी और बैगेज हैंडलिंग जैसी सर्विस में आ रही शिकायतों को भी दूर करना चाहती है। मैनेजमेंट का मानना है कि कस्टमर का भरोसा वापस पाना ही लंबी अवधि में डिमांड बनाए रखने का एकमात्र तरीका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ये नए बदलाव एयरलाइन की घटती पैसेंजर संख्या को फिर से पटरी पर ला पाएंगे या नहीं।
