Air India के नए CEO Tewolde Gebremariam का मास्टरप्लान, खर्च कम करने पर जोर

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Air India के नए CEO Tewolde Gebremariam का मास्टरप्लान, खर्च कम करने पर जोर

Air India के होने वाले CEO Tewolde Gebremariam ने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने के लिए एक नई स्ट्रैटेजी तैयार की है। इसमें कर्मचारियों को बचत के लिए इंसेंटिव देने के साथ-साथ इंटरनेशनल और कार्गो बिजनेस पर खास फोकस किया जाएगा।

खर्चों पर लगाम, मुनाफे पर ध्यान

टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली Air India अब पुरानी वित्तीय समस्याओं से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। हाल ही में एक टाउनहॉल मीटिंग के दौरान, CEO-designate Tewolde Gebremariam ने साफ किया कि 'फिस्कल रिस्पॉन्सिबिलिटी' (वित्तीय जिम्मेदारी) केवल मैनेजमेंट ही नहीं, बल्कि हर कर्मचारी की प्राथमिकता होनी चाहिए। कंपनी अब ऐसे इंसेंटिव प्रोग्राम शुरू करने जा रही है, जिससे स्टाफ खुद खर्च कम करने के उपाय खोज सके। इससे कॉस्ट-कटिंग एयरलाइन की कार्य-संस्कृति का हिस्सा बन जाएगी।

इंटरनेशनल और कार्गो पर दांव

Gebremariam का फोकस सिर्फ कटौती तक सीमित नहीं है। वे कंपनी के इंटरनेशनल फ्लाइट नेटवर्क को बेहतर बनाने और कार्गो डिवीजन को विस्तार देने पर जोर दे रहे हैं। एयरलाइन अभी एक तरफ अपने बेड़े (fleet) का बड़े पैमाने पर विस्तार कर रही है, तो दूसरी तरफ इन नए रूट्स को मुनाफे में बदलने की चुनौती भी है। एविएशन इंडस्ट्री में हाई फ्यूल प्राइसेज और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच यह बैलेंस बनाना आसान काम नहीं है।

चुनौती और जोखिम

भारतीय एविएशन मार्केट में IndiGo जैसी कंपनियों की पकड़ काफी मजबूत है। ऐसे में Air India के सामने अपनी लेगेसी ऑपरेशंस को आधुनिक बनाने के साथ-साथ Vistara के मर्जर जैसी जटिलताओं को संभालने की चुनौती है। हालांकि, नए विमानों के बड़े ऑर्डर्स कंपनी की ग्रोथ के लिए जरूरी हैं, लेकिन मैनेजमेंट को यह सुनिश्चित करना होगा कि बढ़ती कैपेसिटी के मुकाबले पैसेंजर डिमांड भी बनी रहे। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपनी ऑपरेशनल मार्जिन को स्टेबल रख पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.