Air India के बोर्ड की मुंबई में हुई अहम बैठक में नए CEO Tewolde Gebremariam की नियुक्ति पर मुहर लग गई है। कंपनी इस वक्त न केवल बड़े वित्तीय घाटे से जूझ रही है, बल्कि सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवालों के घेरे में है।
मुंबई में टाटा संस के मुख्यालय 'बॉम्बे हाउस' में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran ने की। बोर्ड ने निवर्तमान MD और CEO Campbell Wilson के इस्तीफे और उनके उत्तराधिकारी के रूप में Tewolde Gebremariam (पूर्व हेड, Ethiopian Airlines Group) के पदभार संभालने की प्रक्रिया पर चर्चा की। सुरक्षा क्लीयरेंस मिलते ही Gebremariam औपचारिक रूप से कमान संभाल लेंगे।
वित्तीय और ऑपरेशनल चुनौतियां
यह नेतृत्व परिवर्तन कंपनी के लिए एक कठिन दौर में हो रहा है। वित्त वर्ष 2026 के लिए एयर इंडिया ने लगभग ₹22,238 करोड़ (करीब $2.8 बिलियन) का भारी-भरकम वार्षिक घाटा दर्ज किया है। टाटा ग्रुप के लिए एयर इंडिया को मॉडर्न और स्टेबल बनाना एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है।
इसके अलावा, जून 2025 में हुए AI171 हादसे, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी, के बाद से एयरलाइन पर सुरक्षा संस्कृति को पूरी तरह बदलने का दबाव है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) की ओर से हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा चूक को लेकर जारी 'शो-कॉज नोटिस' ने कंपनी की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
नई टीम की प्राथमिकताओं पर नजर
कंपनी के हालिया टाउनहॉल में N. Chandrasekaran और Gebremariam ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करना, सख्त कॉस्ट डिसिप्लिन लागू करना और यात्रियों का भरोसा फिर से जीतना है। निवेशकों और इंडस्ट्री के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि कैसे नई लीडरशिप सुरक्षा ऑडिट में सुधार और लागत को नियंत्रित करके कंपनी को मुनाफे की राह पर वापस लाती है।
