Air India ने अपने नए CEO के तौर पर अनुभवी एविएशन लीडर Tewolde Gebremariam को नियुक्त किया है। टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran ने कंपनी की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए सेफ्टी और सख्त कॉस्ट मैनेजमेंट पर जोर दिया है। बता दें कि कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹22,238 करोड़** का भारी नुकसान हुआ है और उस पर **₹40,000 करोड़** से ज्यादा का कर्ज है।
नया नेतृत्व और चुनौती
एयर इंडिया में यह बड़ा बदलाव ऐसे वक्त में हुआ है जब कंपनी अपनी पुरानी साख को दोबारा हासिल करने की जद्दोजहद में लगी है। Tewolde Gebremariam ने Campbell Wilson की जगह ली है। Gebremariam का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है, जिन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस में करीब 40 साल बिताए हैं और एक दशक से ज्यादा समय तक वहां CEO की कमान संभाली है। अब उनकी मुख्य जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स के साथ बेहतर तालमेल बैठाना और कॉम्पिटिशन में टिके रहना है।
वित्तीय संकट और पूंजी की जरूरत
टाटा ग्रुप एयर इंडिया की कायापलट करने के लिए कमर कस चुका है। हाल ही में कंपनी ने ऑपरेशनल टर्नअराउंड के लिए ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के नए कैपिटल इन्फ्यूजन को मंजूरी दी है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कंपनी अपनी पेरेंट कंपनी, यानी टाटा संस पर निर्भरता कम करे और खुद अपना कैश जेनरेट करना शुरू करे।
ऑपरेशनल बाधाएं
कंपनी के सामने केवल फाइनेंशियल चुनौतियां ही नहीं, बल्कि ग्लोबल एविएशन मार्केट की अनिश्चितताएं भी हैं। फ्यूल की बढ़ती कीमतों और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के कारण फ्लाइट्स के रूट प्रभावित हो रहे हैं। अब देखना होगा कि नए नेतृत्व के आने के बाद एयर इंडिया कैसे अपनी सर्विस क्वालिटी को बेहतर करती है और बिना अपने बैलेंस शीट पर दबाव डाले अपना विस्तार प्लान पूरा करती है।
