Air France-KLM ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें एयरलाइन को अपनी उड़ानें नवी मुंबई एयरपोर्ट शिफ्ट करने के लिए कहा गया था। एयरलाइन ने संचालन में आने वाली दिक्कतों और बढ़ते खर्च को इसकी बड़ी वजह बताया है।
दो एयरपोर्ट्स के बीच फंसा पेच
Air France-KLM ने साफ कर दिया है कि वह अपनी इंटरनेशनल ऑपरेशंस को छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही केंद्रित रखेगी। मौजूदा समय में एयरलाइन यहां से 42 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करती है और सर्दियों के शेड्यूल में इसे बढ़ाकर 54 करने की तैयारी है। एयरलाइन का तर्क है कि दो अलग-अलग एयरपोर्ट्स से ऑपरेशन चलाना उनके बिजनेस मॉडल के लिए बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं है।
अडाणी ग्रुप के सामने क्या है चुनौती?
अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स जनवरी 2027 से टर्मिनल-1 के रीडेवलपमेंट का काम शुरू करने की योजना बना रही है, जो 2029-30 तक चलेगा। इस दौरान भीड़ को संभालने के लिए ऑपरेटर चाहता था कि एयरलाइंस कुछ उड़ानों को नवी मुंबई शिफ्ट करें। एयरलाइन ने चेतावनी दी है कि दो एयरपोर्ट्स के बीच क्रू लॉजिस्टिक्स, ग्राउंड हैंडलिंग और पैसेंजर कनेक्टिविटी मैनेज करना काफी महंगा और जटिल काम होगा।
आगे क्या होगा?
यह एयरलाइन का रुख अब एयरपोर्ट ऑपरेटर के लिए एक बड़ी लॉजिस्टिकल चुनौती बन गया है। निवेशकों और मार्केट पर नजर रखने वालों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या MIAL अपने कंस्ट्रक्शन शेड्यूल में बदलाव करता है या फिर कोई और रास्ता निकाला जाता है। फिलहाल, एयरलाइन का यह फैसला अडाणी ग्रुप के एयरपोर्ट आधुनिकीकरण के प्लान पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है।
