Air France-KLM अपनी भारतीय सेवाओं का विस्तार कर रही है। आगामी विंटर शेड्यूल में कंपनी अपनी साप्ताहिक फ्लाइट्स की संख्या **42** से बढ़ाकर **54** करने जा रही है। साथ ही, कंपनी सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के लिए स्थानीय भागीदारी तलाश रही है।
भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए Air France-KLM ने अपनी कैपेसिटी में बड़ा इजाफा किया है। कंपनी ने ऐलान किया है कि आगामी विंटर शेड्यूल से भारत में उनकी साप्ताहिक फ्लाइट्स 42 से बढ़कर 54 हो जाएंगी। यह विस्तार Air France और KLM दोनों ब्रांड्स के बीच बराबर बांटा जाएगा। वर्तमान में यह ग्रुप दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से अपनी सेवाएं दे रहा है और साल की पहली छमाही में प्रीमियम क्लास सेगमेंट में कंपनी ने मजबूत ग्रोथ देखी है।
सस्टेनेबिलिटी पर फोकस
सिर्फ उड़ानें बढ़ाना ही नहीं, बल्कि कंपनी का लक्ष्य लंबी अवधि में सस्टेनेबिलिटी हासिल करना है। Air France-KLM अब भारत में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) बनाने के लिए स्थानीय पार्टनर्स के साथ बातचीत कर रही है। भारत सरकार ने 2027 तक 1% और 2030 तक 5% SAF ब्लेंडिंग का अनिवार्य लक्ष्य रखा है।
निवेशकों के लिए स्ट्रैटेजिक दांव
कंपनी फिलहाल सीधे प्रोडक्शन यूनिट्स में कैपिटल निवेश नहीं कर रही है, बल्कि लॉन्ग-टर्म 'ऑफ-टेक एग्रीमेंट' की दिशा में काम कर रही है। इससे स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स को फ्यूल खरीद का भरोसा मिलेगा। हालांकि, SAF का प्रोडक्शन पारंपरिक जेट फ्यूल की तुलना में काफी महंगा है, जो भविष्य में कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। जानकारों का मानना है कि प्रीमियम सेगमेंट की मजबूत डिमांड ही इन बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों की भरपाई करने में मदद करेगी। अब देखना यह होगा कि कंपनी इन सरकारी लक्ष्यों को कितनी तेजी से लागू करती है और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा के बीच अपना दबदबा कैसे बनाए रखती है।
