Afcom Holdings ने 4 Boeing 777-8F फ्रेटर्स खरीदने के लिए एक शुरुआती समझौता किया है। कंपनी इस कदम के साथ इंटरनेशनल लॉन्ग-हॉल एयर कार्गो मार्केट में बड़ी विस्तार योजना बना रही है, जिससे 2028 तक उनकी कार्गो क्षमता **5 गुना** बढ़ जाएगी।
बड़ी विस्तार योजना और क्षमता में इजाफा
Afcom Holdings अपनी लॉजिस्टिक्स रणनीति में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। कंपनी ने The Boeing Company के साथ चार वाइड-बॉडी फ्रेटर्स खरीदने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) साइन किया है। यह कदम कंपनी को छोटे नैरोगेज (narrow-body) ऑपरेशंस से निकालकर सीधे लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल मार्केट में खड़ा कर देगा।
ये नए 777-8F फ्रेटर्स 12 घंटे से अधिक की उड़ान भरने में सक्षम हैं और कंपनी के मौजूदा Boeing 737-800 फ्लीट की तुलना में 5 गुना अधिक कार्गो ले जाने की क्षमता रखते हैं। उम्मीद है कि ये नए विमान 2028 तक सर्विस में शामिल हो जाएंगे।
फाइनेंशियल सेहत और फंडिंग
इस विस्तार से पहले कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने पर ध्यान दिया था। 5 मई, 2026 को कंपनी ने QIP के जरिए ₹199.85 करोड़ जुटाए थे, जो इसी तरह के विस्तार प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। कंपनी के हालिया नतीजों पर नजर डालें तो Q1 FY27 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹176.1 करोड़ रहा है और कंपनी ने ₹39.24 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
हालांकि यह डील कंपनी की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है, लेकिन इसमें बड़ा कैपिटल खर्च (Capex) शामिल है। फ्लीट के आधुनिकीकरण से डेट (Debt) और कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है। यह डील फिलहाल एक नॉन-बाइंडिंग समझौता है, यानी अंतिम शर्तें, कीमत और डिलीवरी की तारीख अभी तय होनी बाकी हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी कैसे इन भारी-भरकम ऑपरेशंस के साथ अपने प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रखती है।
