Adani Airport Holdings ने Navi Mumbai International Airport पर एक खास US प्री-क्लियरेंस सुविधा का प्रस्ताव रखा है। इस **₹100 करोड़** से अधिक के प्रोजेक्ट का लक्ष्य अमेरिका जाने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया को भारत में ही पूरा करना है।
अमेरिका की राह अब होगी आसान
Adani Airport Holdings Limited ने Navi Mumbai International Airport (NMIA) पर अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स प्री-क्लियरेंस फैसिलिटी बनाने का कदम उठाया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹100 करोड़ से ज्यादा है। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अमेरिका जाने वाले यात्री भारत में ही अपनी एंट्री औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। इससे अमेरिका पहुंचने पर उन्हें सीधे डोमेस्टिक टर्मिनल से बाहर निकलने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनका समय बचेगा।
क्यों है यह रणनीतिक कदम?
कंपनी NMIA को एक ग्लोबल कनेक्टिंग हब के रूप में स्थापित करना चाहती है। लंबी दूरी की नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स को आकर्षित करने के लिए एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने नई इंटरनेशनल सर्विस शुरू करने वाली एयरलाइंस को लैंडिंग चार्ज में छूट जैसे वित्तीय प्रोत्साहन भी दिए हैं। NMIA की शुरुआती सालाना क्षमता 20 मिलियन यात्रियों की है, जिसे भविष्य में 90 मिलियन तक ले जाने की योजना है।
राह में चुनौतियां
यह केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इसके लिए भारत और अमेरिका की सरकारों के बीच उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय समझौतों (bilateral agreements) की जरूरत होगी। चूंकि इसमें अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) अधिकारियों का भारतीय क्षेत्र में काम करना शामिल है, इसलिए सुरक्षा और संप्रभुता जैसे संवेदनशील मुद्दे इस प्रोजेक्ट की टाइमलाइन को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों के लिए अब अगले कुछ क्वार्टर में सरकारी बातचीत और एयरलाइंस की नई फ्लाइट्स को लेकर होने वाली घोषणाएं सबसे महत्वपूर्ण 'मॉनिटरेबल' होंगी।
