Adani Ports ने ओमान में 'Indian Ocean Gateway Terminal' नाम से एक नई सब्सिडियरी बनाई है। ओमान सरकार द्वारा Salalah Port के मौजूदा कंसेशन को **2028** के बाद आगे न बढ़ाने के फैसले के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।
ओमान में अपनी नई सब्सिडियरी की स्थापना के साथ, Adani Ports and Special Economic Zone ने मिडिल ईस्ट में अपने पैर पसारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब ओमान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह Salalah Port के मौजूदा ऑपरेटर, Salalah Port Services के साथ अपना करार नवंबर 2028 के बाद आगे नहीं बढ़ाएगी। किसी भी नई विदेशी मार्केट में इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स के लिए बोली लगाने से पहले वहां स्थानीय इकाई (Local Entity) बनाना एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया है।
ग्लोबल विस्तार और अनुशासन
हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर Salalah पोर्ट के लिए बोली लगाने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह कदम उनके ग्लोबल मैरीटाइम फुटप्रिंट को बढ़ाने के विजन के साथ मेल खाता है। मैनेजमेंट पहले भी संकेत दे चुका है कि वे 20 से ज्यादा वैश्विक संपत्तियों (Global Assets) का मूल्यांकन कर रहे हैं।
कंपनी की रणनीति में 'अनुशासन' सर्वोपरि है। इसका उदाहरण तब देखने को मिला था जब उन्होंने Associated British Ports के अधिग्रहण के मौके को छोड़ दिया था, क्योंकि वह उनके इंटरनल रिटर्न के मानकों पर खरा नहीं उतरा था। शेयरधारकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी विदेशी प्रोजेक्ट्स के दौरान कर्ज के स्तर को कैसे मैनेज करती है और अपने मुनाफे को कैसे बरकरार रखती है।
आने वाले समय में Salalah Port की नीलामी प्रक्रिया या अन्य क्षेत्रीय अवसरों को लेकर जो भी आधिकारिक जानकारी आएगी, वह मार्केट के लिए मुख्य 'मॉनिटरेबल' फैक्टर होगी।
