बाज़ार की गिरावट में भी Adani Ports ने बनाई नई ऊंचाई
5 मई, 2026 को Adani Ports & SEZ (APSEZ) के शेयर ने ₹1,758.4 के स्तर पर 52-हफ्ते और लाइफटाइम हाई को छुआ। यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि उस दिन भारतीय शेयर बाज़ार में काफी गिरावट देखी जा रही थी। शेयर की शुरुआत मजबूत रही और भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ ऊपर की ओर बढ़ता रहा।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस ने भरी उड़ान
इस स्टॉक परफॉरमेंस का मुख्य कारण कंपनी का अप्रैल 2026 का ऑपरेशनल अपडेट रहा। कंपनी ने साल-दर-साल (Year-on-Year) आधार पर 15% की ग्रोथ के साथ 43.1 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो वॉल्यूम दर्ज किया। इसमें कंटेनर और ड्राई बल्क सेगमेंट में 17% की शानदार ग्रोथ देखी गई। इसके अलावा, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने मार्च 2026 तिमाही के अंत तक Adani Ports में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 13.25% कर ली, जो पिछली तिमाही में 13.10% थी।
लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम में आई कमी
हालांकि, ऑपरेशनल अपडेट में एक और बात सामने आई। कंपनी के लॉजिस्टिक्स रेल सेगमेंट में अप्रैल के लिए 16% की सालाना गिरावट देखी गई, जो 48,490 TEUs रहा।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
वैल्यूएशन के हिसाब से Adani Ports का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 28x से 31x के बीच है। यह अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मॉडरेट वैल्यूएशन है। गुजरात पिपावाव पोर्ट (लगभग 17x) से यह ज्यादा है, लेकिन JSW Infrastructure (लगभग 35-50x) से कम है।
मई 2026 की शुरुआत में एनालिस्ट्स का नजरिया काफी पॉजिटिव रहा है। Nomura ने 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹1,930 कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि कंपनी 2028 तक मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ दिखाएगी और यह स्टॉक अभी भी अंडरवैल्यूड है। अन्य एनालिस्ट्स ने ₹1,800-₹1,900 की रेंज में 12-महीने का टारगेट दिया है, जो कंपनी की इंडिया के सबसे बड़े प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर के तौर पर मजबूत पोजीशन और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों को सपोर्ट करता है।
संभावित रिस्क और चिंताएं
शेयर में तेजी के बावजूद, कुछ संभावित जोखिम भी हैं। लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम में 16% की गिरावट इनलैंड कनेक्टिविटी की चुनौतियों या बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा का संकेत दे सकती है। अप्रैल 2026 की शुरुआत में अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए टैरिफ जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी ट्रेड वॉल्यूम को प्रभावित कर सकते हैं। Adani Ports का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 0.66x-0.68x है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों से ज्यादा है। बढ़ती इंटरेस्ट कॉस्ट और Q4 FY26 में रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) का 12.36% तक थोड़ा कम होना भी चिंता का विषय है, खासकर जब प्रीमियम वैल्यूएशन में गलतियों की गुंजाइश कम होती है।
भविष्य की उम्मीदें
आगे देखते हुए, एनालिस्ट्स FY27 और FY28 के लिए रेवेन्यू और EBITDA में लगातार ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। कंपनी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने और ग्लोबल एक्विजिशन पर काम कर रही है। सरकार की PM गतिशक्ति योजना और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी नीतियां भी बिजनेस के माहौल को बेहतर बनाने में मदद करेंगी। Nomura और Motilal Oswal जैसे ब्रोकरेज हाउसेज ने 'Buy' रेटिंग दी है, जिनके प्राइस टारगेट में अच्छी अपसाइड की संभावना दिख रही है, जो मीडियम से लॉन्ग-टर्म आउटलुक को और मजबूत करता है।
