भारतीय पोर्ट सेक्टर की दिग्गज कंपनी Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) अब यूके के बाजार में बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है। कंपनी देश के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर, Associated British Ports (ABP) में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने की संभावना तलाश रही है।
ग्लोबल विस्तार की ओर Adani Ports
यह कदम Adani Ports की 2031 तक एक वैश्विक ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी बनने की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। ABP यूके में 21 महत्वपूर्ण पोर्ट्स का नेटवर्क चलाता है, जिसमें इम्मिंगम (Immingham) पोर्ट, जो कार्गो वॉल्यूम के हिसाब से सबसे व्यस्त है, और साउथैम्प्टन (Southampton) पोर्ट शामिल हैं।
कौन बेच रहा है हिस्सेदारी?
ABP में लगभग 63.9% हिस्सेदारी दो कनाडाई पेंशन फंड्स - कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) और ओंटारियो म्युनिसिपल एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (OMERS) - के पास है। ये फंड्स अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकरों की मदद ले रहे हैं।
ABP का बिजनेस मॉडल
ABP ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में £819.8 मिलियन का रेवेन्यू और £586.5 मिलियन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी का बिजनेस मॉडल लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित है, जो इसे स्थिर आय प्रदान करता है।
Adani Ports की रणनीति
Adani Ports के पास वर्तमान में भारत में 15 पोर्ट्स हैं और यह ऑस्ट्रेलिया, इज़राइल, तंजानिया और श्रीलंका जैसे देशों में भी प्रोजेक्ट्स चला रही है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग क्षमता तक पहुंचना है। ABP का अधिग्रहण Adani Ports के ग्लोबल फुटप्रिंट को और मजबूत करेगा, हालांकि इसके लिए बड़े निवेश की जरूरत होगी।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह संभावित अधिग्रहण Adani Ports के बैलेंस शीट को कैसे प्रभावित करता है। जहाँ यह डील कंपनी के रेवेन्यू को डाइवर्सिफाई कर सकती है, वहीं इसे विदेशी नियामक वातावरण में काम करने की चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा। कंपनी की कर्ज क्षमता और नकदी प्रवाह पर भी नजर रखी जाएगी।
