नए फाइनेंशियल ईयर की धमाकेदार शुरुआत
Adani Ports & Special Economic Zone (ADSEZ) ने नए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत शानदार की है। अप्रैल के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के कार्गो ट्रैफिक में पिछले साल के मुकाबले 15% का इजाफा हुआ है, जो कुल 4.3 करोड़ टन रहा। इस बढ़ोतरी में कंटेनर ट्रैफिक का योगदान 17% रहा। इस दमदार प्रदर्शन के चलते ब्रोकरेज फर्म Nomura ने ADSEZ के शेयर पर 'Buy' रेटिंग के साथ ₹1,930 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा भाव से करीब 16% ऊपर है।
विश्लेषकों का भरोसा और सेक्टर का साथ
Nomura ही नहीं, कई बड़े ब्रोकरेज हाउस Adani Ports के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। लगभग 23 से ज्यादा एनालिस्ट 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका औसत 12-महीनों का टारगेट प्राइस ₹1,833 से ₹1,868 के बीच है। Jefferies और HSBC ने भी अपने टारगेट प्राइस को बढ़ाकर क्रमशः ₹1,980 और ₹1,950 कर दिया है। यह तेजी भारत के समुद्री क्षेत्र में चल रही इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं जैसे 'सागरमाला प्रोग्राम' का भी नतीजा है, जिसका मकसद बंदरगाहों की क्षमता और एफिशिएंसी बढ़ाना है। पिछले एक साल में Adani Ports ने Sensex के मुकाबले शानदार रिटर्न दिया है, जहां Sensex 4.74% गिरा, वहीं ADSEZ 29.67% बढ़ा।
कुछ चिंताएं भी साथ
सब कुछ पॉजिटिव नहीं है। जहाँ एक तरफ कार्गो वॉल्यूम बढ़ रहा है, वहीं कंपनी के लॉजिस्टिक्स सेगमेंट (Logistics Segment) के रेल वॉल्यूम में अप्रैल में 16% की गिरावट आई है, जो 48,490 TEUs पर आ गया। कंपनी का कहना है कि यह ज्यादा प्रॉफिटेबल एरिया पर फोकस करने की वजह से है, लेकिन यह एक नोट करने वाली बात है।
हाल ही में, प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Worldwide Emerging Market Holding Ltd ने ₹7,486 करोड़ में 2% हिस्सेदारी बेची है। यह बिकवाली ऐसे समय में हुई जब Sensex में 0.42% की गिरावट थी।
वैल्यूएशन और वित्तीय सेहत
Adani Ports का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 30-32x है, जो कि Gujarat Pipavav Port (14.5x) और Allcargo Terminals (15.9x) जैसे पीयर्स (Peers) के मुकाबले प्रीमियम पर है। हालांकि, यह JSW Infrastructure (35.39x) के मुकाबले थोड़ा कम है। यह हाई वैल्यूएशन मजबूत मार्केट सेंटिमेंट तो दिखाता है, लेकिन यह भी बताता है कि कंपनी की भविष्य की ग्रोथ काफी हद तक मौजूदा प्राइस में पहले से ही शामिल है।
कंपनी पर ₹55,103 करोड़ का ग्रॉस डेट (Gross Debt) भी है, जिस पर इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) बढ़ रही है। हालिया Q4 FY26 नतीजों में मार्जिन पर दबाव भी देखा गया था। कुछ टेक्निकल इंडिकेटर्स भी ओवरबॉट (Overbought) सिग्नल दे रहे हैं, जो छोटे-मोटे करेक्शन (Correction) की ओर इशारा कर सकते हैं।
भविष्य की राह
मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY26 से FY31 के बीच कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ करीब 19% सालाना और EBITDA ग्रोथ 18% सालाना रहेगी। Nomura को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच पोर्ट्स में 18% EBITDA CAGR, लॉजिस्टिक्स में 30% और मरीन सेगमेंट में 29% की ग्रोथ देखने को मिलेगी। कंपनी 2030 तक अपनी डोमेस्टिक पोर्ट कैपेसिटी को दोगुना से ज्यादा बढ़ाकर 1,000 मिलियन टन करने की योजना बना रही है, जो FY26 में 653 मिलियन टन थी।
