MIAL अप्रैल 2027 से सालाना 50 लाख यात्रियों को नवी मुंबई शिफ्ट करने की योजना बना रही है। इस कदम का मकसद पुराने Terminal 1 का कायापलट करना है, लेकिन विदेशी एयरलाइंस के विरोध से मामला फंस गया है।
एयरलाइंस के बीच खड़ी हुई चुनौती
Adani Group के तहत काम कर रही Mumbai International Airport Ltd (MIAL) ने अपनी एक बड़ी योजना का खुलासा किया है। कंपनी अप्रैल 2027 तक फ्लाइट्स का बड़ा हिस्सा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने की तैयारी में है। इसका मुख्य उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) के पुराने Terminal 1 को पूरी तरह ढहाकर उसका पुनर्निर्माण करना है, ताकि बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इसे आधुनिक बनाया जा सके।
एयरलाइंस का विरोध और ऑपरेशन्स पर असर
MIAL की योजना के मुताबिक, 14 इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स के लिए फ्लाइट्स को नवी मुंबई शिफ्ट किया जाएगा, जिससे मुंबई एयरपोर्ट का सालाना यात्री भार 50 लाख कम हो सके। एयर इंडिया, इंडिगो (IndiGo) और आकासा एयर (Akasa Air) जैसे भारतीय विमानन कंपनियों ने तो सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है, लेकिन विदेशी एयरलाइंस ने मोर्चा खोल दिया है।
विदेशी एयरलाइंस का कहना है कि उन्हें इस फैसले से पहले विश्वास में नहीं लिया गया और उन्हें अपने ऐतिहासिक स्लॉट खोने का डर है। Airline Operators Committee (AOC) ने इस मुद्दे को लेकर मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (Ministry of Civil Aviation) तक गुहार लगाई है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
Adani Group के लिए एयरपोर्ट बिजनेस एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट है। कंपनी की योजना 2030 तक कुल क्षमता को 5.5 करोड़ से बढ़ाकर 6.5 करोड़ यात्री प्रति वर्ष करने की है। साथ ही, चर्चाएं हैं कि Adani Airport Holdings मार्च 2027 तक अपना IPO भी ला सकती है।
हालांकि, एयरलाइंस के साथ चल रहा यह विवाद एक बड़ा 'एग्जीक्यूशन रिस्क' है। अगर सरकार ने दखल दिया, तो प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर कंपनी के वैल्यूएशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर पड़ सकता है। अब सभी की नजरें मिनिस्ट्री के फाइनल फैसले पर टिकी हैं कि क्या सरकार शिफ्टिंग को अनिवार्य करेगी या बीच का कोई रास्ता निकालेगी।
