एयरपोर्ट्स लीड करेंगे Adani का ₹40K करोड़ का निवेश
Adani Enterprises (AEL) FY27 के लिए ₹40,000 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की तैयारी में है। इस कुल निवेश का 42% से अधिक, यानी लगभग ₹17,000 करोड़, इसके फलते-फूलते एयरपोर्ट बिजनेस के डेवलपमेंट पर खर्च होगा। इस फंड का इस्तेमाल अहमदाबाद एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल के निर्माण और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डेवलपमेंट को तेज करने जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा, जिसके अगले 12 से 18 महीने में कैपेसिटी तक पहुंचने का अनुमान है। AEL अपने मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और जयपुर के एयरपोर्ट्स पर नॉन-एरोनॉटिकल सुविधाओं का भी विस्तार करेगी ताकि पैसेंजर के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके और नॉन-एरोनॉटिकल रेवेन्यू बढ़ाया जा सके। कंपनी का एयरपोर्ट बिजनेस FY26 में काफी मजबूत रहा, जहां पैसेंजर ट्रैफिक बढ़ने और बेहतर रेवेन्यू स्ट्रेटेजी के चलते एरोनॉटिकल रेवेन्यू में 26% और नॉन-एरोनॉटिकल रेवेन्यू में 31% की ग्रोथ देखी गई।
न्यू एनर्जी, PVC प्रोजेक्ट्स भी ड्रा कर रहे हैं फंड
बाकी कैपिटल एक्सपेंडिचर AEL के अन्य कोर बिज़नेस में बांटा जाएगा। लगभग ₹10,000 करोड़ नई एनर्जी पहलों, खासकर ग्रीन हाइड्रोजन पर फोकस करने के लिए रखे गए हैं। यह Adani Group के ग्रीन हाइड्रोजन वैल्यू चेन बनाने के लक्ष्य को सपोर्ट करेगा, जिसका टारगेट FY28 तक महत्वपूर्ण प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट करना है। इसके अलावा, ₹9,000 करोड़ पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) ऑपरेशंस के लिए रखे गए हैं। इसके साथ AEL पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर में एंट्री कर रही है, जहां इसकी सीधी टक्कर Reliance Industries से होगी। गुजरात के मुंद्रा में 10 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाला PVC प्लांट FY28 तक चालू होने की उम्मीद है। ₹4,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश नेचुरल रिसोर्सेज और माइनिंग में जाएगा।
मार्केट ग्रोथ और एनालिस्ट्स का भरोसा
भारतीय एविएशन मार्केट में 11.72% की मजबूत CAGR से ग्रोथ की उम्मीद है, जो 2026 से 2034 तक जारी रह सकती है। AEL का यह निवेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों और रिन्यूएबल एनर्जी में लीड करने की उसकी महत्वाकांक्षाओं को सपोर्ट करता है। एनालिस्ट्स भी कंपनी के Diverse Portfolio और ग्रीन हाइड्रोजन पर फोकस से इंप्रेस्ड हैं। Jefferies ने Adani Enterprises पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹2,600 का टारगेट प्राइस दिया है, जो करीब 18% अपसाइड पोटेंशियल दिखाता है।
एग्जीक्यूशन रिस्क और कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
हालांकि, AEL को बड़े एग्जीक्यूशन रिस्क का सामना करना पड़ेगा। ₹40,000 करोड़ का यह बड़ा Capex कंपनी के फाइनेंस और ऑपरेशंस पर दबाव डाल सकता है। नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स, जैसे ग्रीन हाइड्रोजन, महंगे हैं और इनकी सप्लाई चेन कॉम्प्लेक्स है। पेट्रोकेमिकल्स में Reliance Industries जैसे दिग्गज से मुकाबला होगा। नवी मुंबई एयरपोर्ट या PVC प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में किसी भी तरह की देरी या लागत बढ़ने से प्रॉफिट और इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस पर असर पड़ सकता है।
