Adani Airport Holdings ने मुंबई से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक **33%** अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को स्थानांतरित करने की अपनी योजना को फिलहाल टाल दिया है। एयरलाइंस के विरोध और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद कंपनी को अब **20 अक्टूबर** तक संशोधित ट्रांजिशन प्लान पेश करना होगा।
चुनौती और विवाद की जड़
Adani Airport Holdings Ltd (AAHL) की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि एयरलाइंस ने मुंबई से नवी मुंबई के बीच उड़ानों को शिफ्ट करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। यह बदलाव 25 अक्टूबर, 2026 से शुरू होना था, लेकिन अब इस पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लग गई है। एयरलाइंस का कहना है कि इसके लिए पर्याप्त लॉजिस्टिकल तैयारी नहीं है और मुंबई एयरपोर्ट की स्ट्रक्चरल सेफ्टी को लेकर भी स्पष्टता की कमी है।
टर्मिनल-1 का पुनर्विकास और दबाव
असल में यह सारा विवाद मुंबई के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास से जुड़ा है। AAHL जनवरी 2027 से टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से को गिराकर वहां निर्माण कार्य शुरू करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता को 15 मिलियन से बढ़ाकर 20 मिलियन करना है। निर्माण के दौरान भीड़ को मैनेज करने के लिए कंपनी को 265 साप्ताहिक उड़ानें नवी मुंबई शिफ्ट करनी थीं, जो कुल अंतरराष्ट्रीय क्षमता का 33% है।
निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह खबर?
निवेशकों को इस मामले पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। AAHL ने सितंबर 2026 में ₹9,825 करोड़ की इक्विटी जुटाई थी और इसकी वैल्यूएशन $18 बिलियन के करीब है। हालांकि, अगर एयरलाइंस के साथ तालमेल नहीं बैठता है, तो टर्मिनल-1 का काम देरी से शुरू होगा, जिससे कंपनी की भविष्य की कमाई और विस्तार योजनाओं पर असर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें 13 अक्टूबर को होने वाली बातचीत पर टिकी हैं, जहां एक संशोधित प्लान पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।
