Adani Airport Holdings: मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का होगा कायापलट, जानिए कब शुरू होगा काम

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Adani Airport Holdings: मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का होगा कायापलट, जानिए कब शुरू होगा काम

Adani Airport Holdings जनवरी 2027 से मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल 1 का आधुनिकीकरण शुरू करेगी। इस निर्माण कार्य के दौरान **9%** ट्रैफिक को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट किया जाएगा, जबकि काम पूरा होने के बाद टर्मिनल की क्षमता **33%** बढ़कर **2 करोड़** सालाना यात्री हो जाएगी।

आधुनिकीकरण की तैयारी

Adani Airport Holdings Limited (AAHL) ने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का ऐलान किया है। जनवरी 2027 से टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से का फेज्ड पुनर्विकास किया जाएगा। यह टर्मिनल लगभग 60 साल पुराना है और साल 2026 में हुई आग की घटना के बाद इसे सुरक्षा मानकों के हिसाब से आधुनिक बनाना जरूरी हो गया है।

ऑपरेशंस और ट्रैफिक का मैनेजमेंट

कंपनी का दावा है कि मुंबई एयरपोर्ट के कुल 5.5 करोड़ यात्रियों में से 91% पर इस काम का कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, टर्मिनल के कुछ हिस्सों के बंद होने से 9% ट्रैफिक प्रभावित होगा, जिसे अस्थायी रूप से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भेजा जाएगा। कंपनी एयरलाइंस के साथ मिलकर काम कर रही है और कंस्ट्रक्शन पूरा होते ही स्लॉट्स को फिर से बहाल करने का वादा किया है।

एयरलाइंस और यात्रियों के लिए क्या है प्लान?

ट्रांजिशन को आसान बनाने के लिए कंपनी एयरलाइंस को खास इंसेंटिव दे रही है, जिसमें नए इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए लैंडिंग फीस पर 100% की छूट शामिल है। यात्रियों के लिए वाउचर प्रोग्राम भी पेश किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के बाद टर्मिनल की सालाना क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। बता दें कि AAHL ने हाल ही में सितंबर 2026 में $1 बिलियन की इक्विटी जुटाई है, जिसका वैल्यूएशन $18 बिलियन आंका गया था।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)

इस प्रोजेक्ट में कुछ चुनौतियां भी हैं। हाई-ट्रैफिक एनवायरनमेंट में कंस्ट्रक्शन करना लॉजिस्टिक्स के लिहाज से जटिल है। अगर काम में देरी होती है, तो ऑपरेशनल परेशानियां बढ़ सकती हैं। साथ ही, एयरलाइंस की संभावित नाराजगी और नवी मुंबई एयरपोर्ट को यात्रियों द्वारा कितनी जल्दी अपनाया जाता है, ये भविष्य के रेवेन्यू के लिए अहम होगा। निवेशकों की नजर अब प्रोजेक्ट की समय-सीमा और कंस्ट्रक्शन के दौरान सर्विस लेवल मेंटेन करने पर टिकी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.