AM/NS India ने पारादीप पोर्ट के CQ-III बर्थ को मैनेज करने के लिए **30** साल का कंसेशन हासिल कर लिया है। कंपनी यहाँ आयरन ओर पेलेट्स की ढुलाई के लिए **₹451 करोड़** की लागत से एक मैकेनाइज्ड कन्वेयर सिस्टम तैयार करेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स में आने वाली अड़चनें खत्म होंगी।
पोर्ट ऑपरेशन्स में बड़ी छलांग
ArcelorMittal और Nippon Steel का जॉइंट वेंचर, AM/NS India अब पारादीप पोर्ट पर CQ-III बर्थ का संचालन करेगा। 21 अगस्त, 2026 को केंद्र सरकार के पोर्ट, शिपिंग और वाटरवेज मंत्रालय द्वारा इस प्रोजेक्ट का औपचारिक ऐलान किया गया। इस डील के तहत कंपनी को 'कैप्टिव' अधिकार मिले हैं, जिसका मतलब है कि अब उसे अपना माल हैंडल करने के लिए किसी थर्ड-पार्टी ऑपरेटर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
लॉजिस्टिक्स की नई रफ्तार
कंपनी का मुख्य फोकस हजीरा स्थित स्टील प्लांट तक आयरन ओर पेलेट्स की सप्लाई को आसान बनाना है। इसके लिए एक फुल-मैकेनाइज्ड कन्वेयर सिस्टम बनाया जाएगा, जिसकी सालाना क्षमता 10 मिलियन टन होगी। यह कदम सप्लाई चेन को पहले से कहीं ज्यादा तेज और सस्ता बनाएगा, क्योंकि अब रॉ मटेरियल की ढुलाई के लिए बाहरी लॉजिस्टिक्स का सहारा कम हो जाएगा।
बिजनेस स्ट्रैटेजी और रिस्क फैक्टर
₹451 करोड़ का यह निवेश कंपनी की लॉन्ग-टर्म मॉडर्नाइजेशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि AM/NS India एक प्राइवेट जॉइंट वेंचर है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, इसलिए निवेशकों के लिए कोई डायरेक्ट स्टॉक मूवमेंट की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कंस्ट्रक्शन में देरी जैसे रिस्क हमेशा बने रहते हैं, साथ ही स्टील सेक्टर में ग्लोबल डिमांड के उतार-चढ़ाव और पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearances) भी लॉन्ग-टर्म में मॉनिटर करने वाले फैक्टर्स रहेंगे।
