Hyderabad Airport: हवाई यात्रियों की मौज, AERA ने घटाई फीस और GMR का रेवेन्यू कैप किया सीमित

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Hyderabad Airport: हवाई यात्रियों की मौज, AERA ने घटाई फीस और GMR का रेवेन्यू कैप किया सीमित

1 सितंबर 2026 से हैदराबाद से हवाई सफर करना सस्ता हो जाएगा। Airports Economic Regulatory Authority (AERA) ने हैदराबाद एयरपोर्ट के रेवेन्यू कैप में बड़ी कटौती की है। रेगुलेटर ने 2026-2031 के लिए रेवेन्यू की सीमा ₹11,683.49 करोड़ तय की है, जो कंपनी द्वारा मांगी गई ₹27,851 करोड़ की मांग से काफी कम है।

रेगुलेटर के नए टैरिफ ऑर्डर के मुताबिक, अब राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों को कम जेब ढीली करनी होगी। इस फैसले का सीधा असर यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) पर पड़ा है।

यात्रियों के लिए क्या बदला?

घरेलू उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए फीस को ₹750 से घटाकर ₹515 कर दिया गया है। वहीं, इंटरनेशनल यात्रियों के लिए यह फीस ₹1,500 से घटकर ₹1,030 रह जाएगी। हालांकि, नुकसान की भरपाई के लिए पहली बार अराइवल (आने वाले) यात्रियों पर भी फीस लगेगी, जो घरेलू के लिए ₹220 और इंटरनेशनल के लिए ₹440 तय की गई है।

रेवेन्यू गैप और 'इंक्रीमेंटल' मॉडल का पेंच

एयरपोर्ट ऑपरेटर, GMR Hyderabad International Airport (GHIAL) ने अगले पांच सालों के लिए ₹27,851 करोड़ की मांग की थी, जिसे AERA ने ठुकराकर ₹11,683.49 करोड़ कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव 'इंक्रीमेंटल ARR' मॉडल है। अब कंपनी को पूरा पैसा तब तक नहीं मिलेगा, जब तक वह तय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा नहीं कर लेती। अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई, तो कैश फ्लो पर सीधा असर पड़ेगा।

निवेशकों के लिए संकेत

₹99.85 के भाव पर ट्रेड कर रही GMR Airports Infrastructure के लिए अब चुनौती बढ़ गई है। चूंकि ऑपरेशंस से आने वाली कमाई सीमित हो गई है, ऐसे में कंपनी को अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखने के लिए ड्यूटी-फ्री शॉप्स, रिटेल और पार्किंग जैसे नॉन-एरोनॉटिकल सोर्सेज से ज्यादा कमाई करनी होगी। निवेशकों को अब कंपनी के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और नॉन-एरोनॉटिकल परफॉरमेंस पर बारीक नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.