डील की बारीकियां और ADP की मंशा
यह डील दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में, ADP 3.4% हिस्सेदारी €256 मिलियन (लगभग ₹2,290 करोड़) में बेचेगी। इसके बाद, ADP के पास 3.9% और हिस्सेदारी बेचने का विकल्प होगा, जिसकी कीमत लगभग €285 मिलियन (लगभग ₹2,560 करोड़) है। साथ ही, GMR परिवार से जुड़ी एक कंपनी €301 मिलियन (लगभग ₹2,700 करोड़) के कन्वर्टिबल बॉन्ड (convertible bonds) खरीदेगी। यह स्ट्रक्चर्ड सेल (structured sale) ADP को अपने एग्जिट (exit) को मैनेज करने की सुविधा देती है, जबकि खरीदार अपने निवेश में विविधता ला सकता है।
ADP के CEO, Philippe Pascal ने बताया कि इस बिक्री का मकसद "निवेश के एक हिस्से की वैल्यू को भुनाना है, साथ ही इस अहम एसेट (asset) के भविष्य के ग्रोथ पोटेंशियल (growth potential) में महत्वपूर्ण आर्थिक हिस्सेदारी बनाए रखना" है। यह कदम ADP को मुनाफा निकालने और GMR Airports के भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर (aviation sector) में हिस्सेदारी बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगा। ADP ने पहली बार 2020 में GMR Airports में 49% हिस्सेदारी खरीदी थी।
ADP की वित्तीय सेहत को कैसे बढ़ावा मिलेगा?
बिक्री से प्राप्त रकम का इस्तेमाल Groupe ADP अपने अल्पकालिक कर्ज (short-term debt) को कम करने के लिए करेगी। इसके अलावा, ADP का बोर्ड 2025 के लिए €0.8 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड (special dividend) देने की योजना बना रहा है। एक और €1 प्रति शेयर का भुगतान भी संभव है, यदि पुट ऑप्शन (put option) का इस्तेमाल किया जाता है। इन कदमों से शेयरधारकों को पुरस्कृत करने और ADP की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने का लक्ष्य है।
GMR Airports के शेयर और मार्केट का नज़रिया
इस खबर के बाद, शुक्रवार को मुंबई में GMR Airports के शेयर 1.7% तक गिर गए। यह शेयर साल-दर-तारीख (year-to-date) लगभग 10% की गिरावट पहले ही झेल चुका है। GMR Airports का मार्केट वैल्यू (market value) फिलहाल लगभग $10.7 अरब है। यह बिक्री 31 मार्च, 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।
डील के सलाहकार
इस डील में Groupe ADP को Citigroup Inc. (सिटिग्राुप Inc.) ने वित्तीय सलाह दी, जबकि S&R Associates (एस एंड आर एसोसिएट्स) और Hogan Lovells (होगन लवल्स) ने कानूनी सलाह प्रदान की। Urban Strategic Pte (अर्बन स्ट्रैटेजिक पते) ने डील की स्ट्रेटेजी (strategy) पर सलाह दी।
ADP की प्रतिबद्धता बरकरार
ADP का GMR Airports के को-प्रमोटर (co-promoter) बने रहना यह दिखाता है कि वह कंपनी की रणनीति में लगातार रुचि रखता है और भारत के लॉन्ग-टर्म एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर (aviation infrastructure) ग्रोथ में भरोसा रखता है, भले ही वह अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच रहा हो।
